कैंटीन मैनेजर को पीटने और यूरिन पिलाने के आरोप, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
News In Short
- गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी एएसआई ने कैंटीन मैनेजर से रिश्वत मांगी।
- मना करने पर आरोपियों ने थाने के क्वार्टर पर बुलाकर प्रताड़ित किया।
- आरोपी एएसआई ने शराब की बोतल में यूरिन भरकर पीड़ित को जबरन पिलाया।
- पीड़ित की जेब से 15,700 रुपए निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
- जीआरपी एएसआई और दो कांस्टेबलों को लाइन हाजिर किया गया।
News In Detail
राजस्थान के गंगापुर सिटी जीआरपी थाने के अधिकारियों की तानाशाही और मनमर्जी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कैंटीन मैनेजर द्वारा मासिक रिश्वत देने के लिए एक-दो दिन की मोहलत मांगने पर रेलवे अधिकारी और जीआरपी पुलिसकर्मियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं।
आरोप है कि आरोपियों ने रात को मैनेजर को थाने के क्वार्टर में बुलाया और शराब के नशे में धुत होकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी अधिकारी ने शराब की बोतल में अपना यूरिन भरकर जबरन पीड़ित को पिला दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित कैंटीन के मैनेजर अजीत सिंह निवासी भिंड (मध्य प्रदेश) ने दर्ज कराई FIR में बताया कि 26 मई की रात 9:30 बजे सीएमआई (कैंटीन मैनेजमेंट इंस्पेक्टर) रवि कुमार कैंटीन पर आए और उनसे मासिक बंधी (रिश्वत) की मांग की। मैनेजर ने मना कर दिया तो उन्होंने लाइसेंस निरस्त कराने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
रात को क्वार्टर पर बुलाकर की बर्बरता
पीड़ित का आरोप है कि रात 11 बजे एएसआई भवानी शंकर ने उसे सरकारी क्वार्टर पर बुलाया। वहां सीएमआई रवि कुमार, कांस्टेबल दिलीप और मस्तराम पहले से मौजूद थे। चारों शराब के नशे में धुत थे। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। उनका आरोप है कि एएसआई ने उसकी जेब से 15,700 रुपए भी निकाल लिए।
मुख्य आरोपी ने पिलाई यूरिन
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मुख्य आरोपी सीएमआई रवि कुमार ने शराब की बोतल में अपना यूरिन भरकर जबरन पीड़ित को पिला दिया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में इस अमानवीय कृत्य का जिक्र किया है। उसने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे और अधिक पीटा गया।
पुलिस ने कराया पीड़ित का मेडिकल
पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई है। डीएसपी शकील अहमद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, सीएमआई पर कोई कार्रवाई नहीं
इस अमानवीय घटना के बाद जीआरपी के एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप और मस्तराम को लाइन हाजिर कर दिया गया है। लेकिन मुख्य आरोपी सीएमआई रवि कुमार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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