बेनीवाल के बोल बिगड़ते ही घेराबंदी शुरू, 5 महीने पुराने मामले में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Mukesh Sharma | Jun 01, 2026, 22:43 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में मुख्यमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद सरकार ने सांसद हनुमान बेनीवाल की घेराबंदी शुरू कर दी है। पुलिस ने 5 महीने पुराने मामले में बेनीवाल पर एफआईआर दर्ज की है।

News In Short

  • सीएम भजनलाल शर्मा पर अमर्यादित टिप्पणी करने के ठीक बाद पुलिस को 5 महीने पुराना मामला याद आया।
  • नागौर सांसद सहित 14 लोगों पर गैर-कानूनी सभा, हाइवे जाम करने और भीड़ भड़काने के आरोप में FIR दर्ज
  • मामला रियांबड़ी में बजरी खनन माफिया के खिलाफ हुए आंदोलन और जयपुर कूच के ऐलान से जुड़ा है
  • पांच महीने तक ठंडे बस्ते में रहे इस मामले में अचानक हुई कार्रवाई को बेनीवाल के बयानों से जोड़कर देखा जा रहा है।

News In Detail

राजस्थान पुलिस ने सांसद हनुमान बेनीवाल सहित 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पांच महीने पुराने मामले में की गई है, जो नागौर के रियांबड़ी में बजरी खनन माफिया के खिलाफ हुए आंदोलन और जयपुर कूच के ऐलान से जुड़ा है। एफआईआर 28 मई को नागौर के पादूंकला थाने में दर्ज की गई है।



इससे एक दिन पहले 27 मई को सांसद बेनीवाल ने जयपुर के पास भैराना धाम में चल रहे आंदोलन में सीएम भजनलाल शर्मा व मंत्रियों के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी की थी। इसके तत्काल बाद सरकार ने बेनीवाल की सुरक्षा में जयपुर कमिश्नर कार्यालय से लगाए तीन पीएसओ हटा लिए।



यह कहा है FIR में

एफआईआर में कहा है कि हनुमान बेनीवाल व उनके साथियों ने पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगी होने के बावजूद गैर-कानूनी रुप से सभा की।



सभा में बेनीवाल सहित करीब 20-25 लोगों ने भीड़ को मांगे नहीं माने जाने पर जयपूर कूच करने को लेकर भड़काया। बेनीवाल करीब 150 वाहनों में के काफिले के साथ पादूंकला नेशनल हाइवे नंबर-58 पर पहुंच गए थे और हाईवे जाम कर दिया था।



यहां से बेनीवाल का काफिला धीरे-धीरे चलते हुए करीब चार घंटे में 28 किलोमीटर दूर थावला टोल तक पहुंचा था। इस दौरान हाइवे पर एक ओर से ट्रैफिक पूरी तरह से जाम रहा था।



बेनीवाल व उनके साथियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत गैर-कानूनी सभा करने, पुलिस हिरासत से छुड़ाने, सार्वजनिक मार्ग को रोकने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 के तहत एफआईआर दर्ज की है।



यह था मामला

हनुमान बेनीवाल ने खनन विभाग के अधिकारी के खिलाफ खनन माफिया को शरण देने और गलत सर्वे करने के आरोप में FIR दर्ज करने तथा जांच करवाने की मांग की थी।



उनकी अन्य मांगों में 13 जनवरी तक लीज का ड्रोन सर्वे, लीज भूमि का सीमांकन, जारी किए गए ई-रवाना की जांच और माइनिंग के नाम पर फर्जी पर्चियां छापकर ट्रैक्टरों से अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल थी।



बेनीवाल ने कहा था कि 13 जनवरी को रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों के साथ बजरी खनन माफिया के खिलाफ एक बडा धरना प्रदर्शन किया था। मांगे नहीं मानने पर उन्होंने हजारों की भीड़ के साथ जयपुर कूच का ऐलान किया था। बाद में प्रशासन के साथ हुई वार्ता में सहमति बनने पर जयपुर कूच का ऐलान खत्म हुआ था।



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