मुझे आधी रात को क्यों जगाया, मर रहे हैं तो सुबह बताओ, बोले स्वास्थ्य मंत्री?
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक कथित ऑडियो वायरल।
- मंत्री कह रहे हैं, मुझे आधी रात को क्यों जगाया...मर रहे हैं तो सुबह बताओ ना।
- यह ऑडियो एक स्थानीय पत्रकार और स्वास्थ्य मंत्री के बीच बातचीत का है।
- इन दिनों प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में पहले से हैं।
- इस ऑडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष खासकर कांग्रेस में भारी आक्रोश।
राजस्थान के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में मंत्री जी आधी रात को फोन करने पर भड़कते हुए बात करते सुनाई दे रहे हैं।
ऑडियो में मंत्री खींवसर यह कह रहे हैं कि मुझे आधी रात को नींद से क्यों जगाया... लोग तड़प रहे हैं तो सुबह बता देते।
यह वायरल बातचीत फलौदी जिले में लोहावट क्षेत्र के एक स्थानीय पत्रकार और स्वास्थ्य मंत्री के बीच बताई जा रही है। हालांकि, 'द सूत्र' इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
मरीजों की तड़प देख मंत्री को मिलाया था फोन
यह पूरा मामला 7 जुलाई की रात का बताया गया है। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है।
पत्रकार सत्य नारायण जोशी ने आऊ गांव के उप जिला अस्पताल के बाहर रात के समय कुछ मरीजों को गंभीर स्थिति में तड़पते हुए देखा था।
अस्पताल में उचित व्यवस्था न होने और मरीजों की हालत बिगड़ती देख पत्रकार ने मंत्री को फोन मिला दिया।
मर रहे हैं तो सुबह बताओ ना यार...
वायरल ऑडियो में रात के सवा बारह बजे फोन आने पर मंत्री खींवसर बेहद नाराजगी जताते हुए सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने पत्रकार से कहा, 'मुझे आधी रात को नींद से क्यों जगाया... लोग तड़प रहे हैं तो सुबह बता देते यार...।
जब पत्रकार ने दोबारा कहा कि अस्पताल के बाहर लोग मर रहे हैं। स्थिति बहुत खराब है तो मंत्री ने गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मर रहे हैं तो सुबह बताओ ना यार। सवा बारह बजे आप रात को जगा के कह रहे हो... सुबह भी बता सकते थे।
इस बातचीत के सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे और सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
संकट के समय संवेदनहीनता पर उठे सवाल
यह ऑडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब राजस्थान स्वास्थ्य विभाग पहले से ही विवादों से घिरा हुआ है।
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में दो महीने के दौरान 19 प्रसूताओं की मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग विपक्ष के निशाने पर है।
ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का यह कहना कि मरीज मर रहे हैं तो सुबह बताना, सरकार की संवेदनशीलता के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।
विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा
सोशल मीडिया पर इस ऑडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष में भारी आक्रोश है। विपक्षी कांग्रेस का कहना है कि यदि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ही आपात स्थिति में रात को फोन उठाने पर गुस्सा जाहिर करेंगे तो जनता को स्वास्थ्य गारंटी कैसे मिलेगी? कांग्रेस सरकार से स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है।
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