रामगढ़ बांध के अतिक्रमियों की मांगी सूची, HC बोला- बंद करें चाय-बिस्किट मीटिंग

Mukesh Sharma | Jul 30, 2026, 19:43 IST
हाईकोर्ट ने रामगढ़ बांध के अतिक्रमियों की सूची मांगी, कलेक्टर को 2 सप्ताह का समय
राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर कलेक्टर से दो सप्ताह में रामगढ़ बांध में अतिक्रमियों के नाम सहित लिस्ट मांगी है। कोर्ट ने अफसरों की कार्यशैली पर टिप्पणी की कि वे चाय-बिस्किट की बैठकों के स्थान पर फिजिकल सर्वे करें।

समझें क्या है पूरा मामला

  • हाई कोर्ट ने जयपुर कलेक्टर से रामगढ़ बांध के अतिक्रमियों की सूची मांगी।
  • हाई कोर्ट ने वर्किंग पर टिप्पणी की, अफसर बंद करें चाय-बिस्किट मीटिंग।
  • फार्म हाउस, होटल या रेस्टोरेंट, कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति हो, नाम बताओ।
  • बाणगंगा, ताला, रोड़ा और माधवेणी नदियों के बहाव क्षेत्र से तुरंत हटे अतिक्रमण।
  • कैचमेंट एरिया में सबमर्सिबल पंपों से अवैध भूजल दोहन पर लगे पूर्ण प्रतिबंध ।

जयपुर कलेक्टर दो सप्ताह में रामगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमियों की सूची राजस्थान हाई कोर्ट में पेश करेंगे। इसके लिए कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो, उसके नाम के साथ रिपोर्ट सबमिट की जाए।



एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस भुवन गोयल ने स्व:प्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर ये निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में यह बताया जाए कि बांध के कैचमेंट एरिया में किस-किस ने अतिक्रमण कर रखा है। किसके फार्म हाउस हैं? किसके होटल चल रहे हैं? किसका रेस्टोरेंट चल रहा है?



कब तक चाय-बिस्क्टि की मीटिंग करते रहोगे

बैंच ने सरकारी विभागों की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आप लोग कब तक मीटिंग में चाय-बिस्किट खाकर मामले को निपटाते रहेंगे। आपको मौके पर जाकर फिजिकल सर्वे करना चाहिए।



सुनवाई के दौरान न्यायमित्र डॉ.अभिनव शर्मा ने कोर्ट को बताया कि रामगढ़ बांध मुख्य रूप से बाणगंगा नदी और उसकी अन्य सहायक नदियों से भरा जाता था। लेकिन अतिक्रमण के कारण वर्तमान में इनका पानी रामगढ़ बांध तक नहीं पहुंच पा रहा है।



इस पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि विराटनगर से लेकर रामगढ़ बांध तक पानी लाने वाली बाणगंगा, ताला, रोड़ा और माधवेणी नदी के बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए।



न हो सबमर्सिबल पंप का इस्तेमाल

अदालत ने कहा कि रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र और कैचमेंट एरिया में किसी भी हाल में सबमर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।



कोर्ट ने कहा कि यहां बड़ी मात्रा में भूजल का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है जो हर हाल में रुकना चाहिए।



वीसी से जुड़े कलेक्टर

सरकार की ओर से कहा गया कि कोर्ट के निर्देशानुसार रिमोट सेंसिंग तकनीक से पूरे क्षेत्र का सर्वे करवा लेंगे। अगर फिजिकल सर्वे करते हैं तो पक्षपात के आरोप लगते हैं।



गुरुवार को सुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर संदेश नायक वीसी के जरिए कोर्ट में मौजूद रहे। अदालत 13 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई करेगी।



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