आईएएस आशीष मोदी के OBC सर्टिफिकेट पर उठे सवाल, झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- आईएएस आशीष मोदी के OBC प्रमाण पत्र पर सवाल उठे हैं।
- केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
- आईएएस अधिकारी ने प्रमाण पत्र को सही बताया है।
- जांच रिपोर्ट के बाद आगे की स्थिति साफ होगी।
राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी और सीकर कलेक्टर आशीष मोदी इन दिनों चर्चा में हैं। उनके OBC प्रमाण पत्र को लेकर केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से जानकारी मांगी है।
आशीष मोदी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने OBC श्रेणी के तहत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में चयन हासिल किया था। अब सवाल उठाया जा रहा है कि वैश्य समुदाय से आने वाले आईएएस अधिकारी का OBC प्रमाण पत्र कैसे बना। इसी मामले में केंद्र ने 30 अगस्त को झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।
केंद्र ने मांगी रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। इसमें चयन के समय जमा किए गए प्रमाण पत्र और सरकारी रिकॉर्ड की जांच शामिल है।
रिपोर्ट में यह देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र नियमों के अनुसार जारी हुआ था या नहीं। अगर जांच में प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है, तो आगे प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बन सकती है। हालांकि अभी तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए अधिकारी की नौकरी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।
आईएएस बोले, प्रमाण पत्र सही
इस पूरे मामले में आईएएस आशीष मोदी ने कहा कि झारखंड में वैश्य समुदाय OBC श्रेणी में शामिल है।उन्होंने कहा कि उन्होंने चयन प्रक्रिया में कोई गलत जानकारी नहीं दी। उनके अनुसार जमा किया गया OBC प्रमाण पत्र पूरी तरह नियमों के अनुसार है। आशीष मोदी ने यह भी बताया कि उनका परिवार पहले राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर से झारखंड गया था। उनका कहना है कि झारखंड में मोदी जाति OBC सूची में शामिल है।
एक्सपर्ट ने बताया नियम
मामले के तकनीकी पहलुओं पर राजस्थान OBC आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड जज हरि कुमार गोदारा ने अपनी राय रखी है। उनके अनुसार बिहार और झारखंड की OBC सूची में वैश्य समुदाय शामिल है। इसलिए केवल समुदाय के आधार पर प्रमाण पत्र को गलत नहीं माना जा सकता।
उन्होंने बताया कि हर राज्य की OBC सूची अलग हो सकती है। विवाद तब बनता है, जब राज्य और केंद्र की सूची में अंतर हो। उन्होंने कहा कि बिहार से अलग होकर झारखंड बनने के बाद पुराने प्रावधान जारी रहे।
झारखंड सरकार से जवाब
झारखंड के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि उनसे इस मामले में कोई जानकारी नहीं मांगी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसलिए वह इस विषय पर अभी कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। अब सभी की नजर झारखंड सरकार की रिपोर्ट पर है।
पहले भी रहे है विवादों में
आशीष मोदी ने 2014 में राजस्थान कैडर की आईएएस भारती दीक्षित से शादी की थी। इस आधार पर उनका कैडर नागालैंड से राजस्थान हो गया। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया।
आईएएस भारती दीक्षित ने पति आईएएस आशीष मोदी पर शराब पीकर धमकाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। आईएएस भारती ने आरोप लगाया था कि आशीष मोदी ने उनसे कैडर बदलने के लिए शादी की थी।
बाद में दोनों ने आपसी सहमति से पारिवारिक अदालत में तलाक की अर्जी दी, जिसके आधार पर दिसंबर 2025 में उनका तलाक हो गया था।
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