2 साल में 13 IAS-IPS आए राजस्थान कैडर में, प्रदेश बना अफसरों की पहली पसंद
News In Short
- राजस्थान कैडर पिछले दो सालों में मैरेज बेस्ड ट्रांसफर का बड़ा केंद्र बना।
- 1 जुलाई 2024 से अब तक 13 IAS और IPS विवाह के आधार पर राजस्थान आए।
- दूसरे कैडर से राजस्थान आने वाले अधिकारियों में 9 महिला अधिकारी शामिल।
- गुजरात कैडर की IAS अदिति का राजस्थान कैडर के IAS माधव भारद्वाज से हुआ है विवाह।
- असम-मेघालय कैडर के IAS अभिषेक जैन की शादी राजस्थान कैडर की IAS आराधना चौहान से हुई है।
News In Detail
राजस्थान पिछले कुछ समय में मैरेज बेस्ड इंटर-कैडर ट्रांसफर का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार ने हाल ही में विवाह के आधार पर दो IAS अधिकारियों का राजस्थान कैडर में तबादला किया है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के अनुसार गुजरात कैडर की IAS अधिकारी अदिति और असम-मेघालय कैडर के IAS अधिकारी अभिषेक जैन को राजस्थान कैडर आवंटित किया गया है।
दो साल में 13 अधिकारी राजस्थान आए
पिछले करीब दो साल यानी 1 जुलाई 2024 से अब तक 13 IAS और IPS अफसर राजस्थान कैडर में आए हैं। इनमें 11 IAS और दो IPS शामिल हैं। खास बात यह है कि दूसरे कैडर से आने वाले अफसरों में नौ महिला IAS और IPS अधिकारी हैं।
ज्यादातर युवा अफसरों ने शादी के बाद अपने जीवनसाथी के साथ एक ही कैडर में रहने की राह चुनी और पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत व केंद्र शासित प्रदेशों के कैडर छोड़कर राजस्थान को प्राथमिकता दी।
गुजरात और असम-मेघालय से राजस्थान पहुंचे अफसर
कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार वर्ष 2023 बैच की IAS अधिकारी अदिति, जो पहले गुजरात कैडर में थीं, का तबादला राजस्थान कैडर में किया गया है। उनका विवाह राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी माधव भारद्वाज से हुआ है।
वहीं वर्ष 2020 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक जैन, जो पहले असम-मेघालय कैडर में थे, को भी विवाह के आधार पर राजस्थान कैडर में स्थानांतरित किया गया है। उनका विवाह राजस्थान कैडर की IAS अधिकारी आराधना चौहान से हुआ है।
क्या है मैरेज बेस्ड इंटर-कैडर ट्रांसफर?
IAS सेवा में विवाह के आधार पर कैडर परिवर्तन का प्रावधान वर्षों से लागू है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि पति-पत्नी को अलग-अलग राज्यों में तैनात रहने की स्थिति से बचाया जा सके। भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियम, 1954 के तहत ऐसे इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की सहमति जरूरी होती है। इस नियम के तहत दंपती में से एक को दूसरे के कैडर में शामिल होने की अनुमति दी जाती है।
राजस्थान क्यों बना पसंदीदा कैडर?
राजस्थान में हाल के वर्षों में कैडर बदलने वाले अधिकारियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। राजस्थान में तैनात अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान एक स्थापित प्रशासनिक राज्य है, यहां काम करने के अवसर अधिक हैं और सांस्कृतिक रूप से भी यह कैडर काफी समृद्ध है। साथ ही दिल्ली से निकटता और बेहतर जीवन स्तर भी अधिकारियों को आकर्षित करने वाले कारण हैं।
महिला अफसरों का बढ़ता कदम
पिछले दो सालों में राजस्थान कैडर में आने वाले 13 अधिकारियों में से 9 महिला अधिकारी हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि महिला अधिकारी भी अपने करियर में पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दे रही हैं।
FAQ
- हाल ही में केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग (DoPT) द्वारा किन दो आईएएस अधिकारियों का राजस्थान कैडर में तबादला किया गया है?
विवाह के आधार पर गुजरात कैडर की आईएएस अदिति और असम-मेघालय कैडर के आईएएस अभिषेक जैन का तबादला राजस्थान कैडर में किया गया है। - पिछले दो वर्षों में कुल कितने आईएएस और आईपीएस अधिकारी मैरेज बेसिस पर ट्रांसफर लेकर राजस्थान आए हैं?
पिछले दो वर्षों में कुल 13 अधिकारी (11 आईएएस और 2 आईपीएस) कैडर बदलकर राजस्थान आए हैं, जिनमें 9 महिला अधिकारी शामिल हैं। - किस नियम के तहत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को विवाह के आधार पर अंतर-कैडर स्थानांतरण प्रदान किया जाता है?
यह स्थानांतरण भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियम, 1954 के विधिक और वैधानिक प्रावधानों के तहत दोनों राज्यों की सहमति से किया जाता है।
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