कोर्ट में पेश हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी, कोरोना काल में धारा-144 उल्लंघन का मामला
News In Short
- निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी धारा-144 उल्लंघन के मामले में उदयपुर कोर्ट में हुए पेश।
- कोरोना काल में भाटी ने छात्रों के साथ मिलकर कलक्ट्रेट पर किया था धरना-प्रदर्शन।
- विरोध का कारण शैक्षणिक संस्थानों द्वारा कोरोना काल के दौरान वसूली जा रही फीस थी।
- भाटी ने उदयपुर में हाईकोर्ट की नई बेंच की मांग का भी किया समर्थन।
- भाटी ने कहा, विधायक के सवालों का सही समय पर उत्तर मिलना जरूरी।
News In Detail
Udaipur: राजस्थान में शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी शुक्रवार को उदयपुर की एक अदालत में पेश हुए। यह मामला कोरोना काल के दौरान धारा-144 के उल्लंघन से जुड़ा है। कोर्ट परिसर में भाटी की मौजूदगी ने न केवल समर्थकों का ध्यान खींचा, बल्कि छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा तक के उनके सफर की यादें भी ताजा कर दीं।
क्या है पूरा मामला?
मामला 16 अगस्त 2021 का है। उस समय प्रदेश में कोरोना महामारी फैली थी और धारा-144 लागू थी। शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, अरविन्द सिंह पावटा व देवेन्द्र सिंह ने करीब दो सौ से ढाई सौ छात्रों के साथ जिला कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर धारा 144 का उल्लंघन किया था। विरोध का कारण शैक्षणिक संस्थानों द्वारा कोरोना काल के दौरान वसूली जा रही फीस थी। इस मामले में भाटी सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
यूनिवर्सिटी के दौर के घाव अभी तक लगे हैं
कोर्ट से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाटी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के दौर में हमने छात्र हितों के लिए जो लड़ाइयां लड़ीं, उनके घाव आज भी शरीर और जहन पर लगे हैं। जब पूरा प्रदेश आर्थिक संकट में था, तब हम छात्रों की फीस माफ कराने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उसी संघर्ष के चलते राजनीतिक षडयंत्र के तहत मुझ पर यह मुकदमा दर्ज किया गया। विधायक के वकील भूपेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गई हैं और उम्मीद है कि अगली पेशी पर इस मामले में कोई ठोस निर्णय आएगा।
हाई कोर्ट बेंच की मांग को दिया समर्थन
कोर्ट परिसर में वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविंद्र सिंह भाटी से मुलाकात की और उदयपुर में लंबे समय से लंबित हाईकोर्ट बेंच की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने का आग्रह किया। भाटी ने वकीलों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को न केवल विधानसभा में, बल्कि केंद्र सरकार तक पहुंचाने में अपना पूरा सहयोग देंगे।
नई जिम्मेदारी पर भी बोले
हाल ही में विधानसभा की प्रश्न और संदर्भ समिति में सदस्य बनाए जाने पर भाटी ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कीं। उन्होंने कहा कि उनका काम यह सुनिश्चित करना है कि जब भी कोई विधायक जनहित का सवाल पूछे तो सचिवालय और प्रशासन उसे नजरअंदाज न करें। जनता के सवालों का जवाब सही समय पर और सही तरीके से मिलना ही लोकतंत्र की जीत है।
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