नदी-नालों पर निर्माण, औद्योगिक इकाइयों को नोटिस, भिवाड़ी में हड़कंप
समझें क्या है पूरा मामला
- भिवाड़ी के कई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को कानूनी नोटिस दिए।
- नोटिसों का आधार नदी के बहाव क्षेत्र में निर्माण होने से पानी रुक गया।
- इन नोटिस का आधार भिवाड़ी बाईपास पर हो रहे जलभराव को बनाया।
- नोटिसों से भिवाड़ी के स्थानीय उद्योगपतियों में चिंता का माहौल।
Alwar: राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक हब भिवाड़ी में इन दिनों हड़कंप का माहौल है। क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक इलाकों कहरानी, चौपानकी, पथरेडी और सारेखूर्द में स्थित कई फैक्ट्रियों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं।
इन नोटिसों में आरोप लगाया गया है कि औद्योगिक इकाइयों का निर्माण नदी, नालों और प्राकृतिक जल भराव (कैचमेंट) क्षेत्र की भूमि पर किया गया है।
अचानक मिले इन नोटिसों से स्थानीय उद्योगपतियों में चिंता का माहौल है। कई उद्यमी नोटिस की प्रतियां लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए रीको (RIICO) कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
नदी के कैचमेंट एरिया का विवाद
रीको सूत्रों के मुताबिक औद्योगिकी इकाइयों को दिए गए नोटिस का आधार भिवाड़ी बाईपास पर हो रहा जलभराव है।
बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र साहिबी नदी का बहाव क्षेत्र रहा है। जगह-जगह निर्माण के कारण बारिश का पानी अपने प्राकृतिक रास्ते से नहीं गुजर पा रहा है। इससे पानी आबादी और औद्योगिक क्षेत्र में भरने लगा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साहिबी नदी का प्राकृतिक ढलान हरियाणा तक जाता है। नदी का बहाव क्षेत्र भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्रके आसपास पांच किलोमीटर क्षेत्र में भी आता है। बहाव क्षेत्र में निर्माण को लेकर आपत्ति जताई गई है।
एनजीटी का मामला नहीं, सरकारी प्रक्रिया से हुआ था आवंटन: रीको
रीको (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम) के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला फिलहाल एनजीटी में औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार जिन भूखंडों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वे सभी सरकारी नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत ही औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित किए गए थे। इसलिए उद्यमियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
रीको ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अपने जयपुर स्थित मुख्यालय की लीगल सेल को भेज दी है।
उद्योग संघ का रुख: सभी प्रक्रियाएं कानूनन सही
भिवाड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (बीआईए) भी इस मामले में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संगठन के अध्यक्ष प्रदीप लांबा ने बताया कि रीको द्वारा भूखंडों का आवंटन सरकार के निर्धारित नियमों और विधिक प्रावधानों के अनुसार ही किया गया था।
उन्होंने कहा कि जिन भी इकाइयों को नोटिस प्राप्त हुए हैं, उन सभी उद्यमियों को एक मंच पर लाकर एकजुट होकर इस कानूनी स्थिति का सामना किया जाएगा।
FAQ
- नदी का कैचमेंट एरिया क्या होता है?
नदी का कैचमेंट एरिया (Catchment Area), जिसे हिंदी में जलागम क्षेत्र या जलग्रहण क्षेत्र कहा जाता है, वह पूरा भौगोलिक क्षेत्र (भूमि) है जहां गिरने वाला वर्षा का पानी बहकर अंततः एक ही नदी, नाले या जलाशय में इकट्ठा होता है।
ये भी पढ़ें:-
रीको के इस फैसले ने बदल दिए इंडस्ट्रियल प्लॉट के नियम, इन गतिविधियों पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क
थापर कॉनकस्ट की जमीन 32 साल बाद रीको के कब्जे में, एमनेस्टी स्कीम का बहाना भी नहीं आया काम
रीको के सीनियर DGM रिश्वत लेते गिरफ्तार, 21 दिन बाद था रिटायरमेंट
रीको भर्ती में बढ़ी सीटों की संख्या, आवेदन की तारीख भी आगे बढ़ाई गई