बांधवगढ़ से 5 बाघिन होंगी शिफ्ट, सरकार ने तैयार किया रूट प्लान

Purshottam Kumar Joshi | Jan 31, 2026, 20:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में मध्य प्रदेश से 5 बाघिनों को लाने की तैयारी हो रही है। यह बाघिन मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ से मुकुंदरा लाई जाएंगी। इन्हे लाने के रूट पर चर्चा हो रही है।

News in Short

  • बांधवगढ़ से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघिन शिफ्ट करने की तैयारी।
  • सड़क और हवाई मार्ग दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
  • इंटरस्टेट टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट के तहत 5 बाघिनों को लाना है।
  • जीन पूल में विविधता लाने और जेनेटिक बीमारियों से बचाव के लिए शिफ्टिंग।
  • फरवरी में बाघिन को मुकुंदरा में लाए जाने की संभावना।

News in Detail

राजस्थान में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघिन को लाने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से शिफ्ट करने की तैयारियां जोरों पर हैं। यह शिफ्टिंग इंटरस्टेट टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसके तहत 5 बाघिनों को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से राजस्थान लाया जाएगा। दूसरे चरण में फरवरी के पहले सप्ताह में बांधवगढ़ से बाघिन को मुकुंदरा लाने के प्रयास शुरू हो जाएंगे।



सड़क और हवाई मार्ग दोनों विकल्पों पर विचार

वन विभाग केमुख्य वन संरक्षक और फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट ने बताया कि यह यात्रा लगभग 700 किलोमीटर लंबी होगी। सड़क मार्ग से इसे पूरा करने में 12 घंटे से ज्यादा का समय लग सकता है। हवाई मार्ग के माध्यम से बाघिन को जयपुर से कोटा लाया जा सकता है। रात के समय कोटा एयरपोर्ट पर उतरने की सुविधा नहीं है। इसलिए सड़क मार्ग से लाने का विकल्प भी रखा जा रहा है, क्योंकि यह अधिक सुविधाजनक हो सकता है।



टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट

यह टाइगर रीलोकेशन प्रोजेक्ट जीन पूल को विविधता देने और बाघों में जेनेटिक बीमारियों की रोकथाम के लिए किया जा रहा है। राजस्थान में अधिकांश बाघ रणथंभौर से निकले टाइगर्स की संतति हैं। इससे समान जीन पूल की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस परियोजना के तहत बांधवगढ़, पेंच और ताडोबा-अंधारी जैसे टाइगर रिजर्व से बाघिनों को राजस्थान लाया जाएगा। इससे जीन पूल में सुधार होगा और बाघों की शारीरिक स्थिति बेहतर रहेगी।



शिफ्टिंग की प्रक्रिया एक साल में पूरी

बाघिनों की शिफ्टिंग की यह परियोजना करीब एक साल तक चलेगी। इसमें समय-समय पर बाघिनों को विभिन्न टाइगर रिजर्व से शिफ्ट किया जाएगा। दिसंबर 2025 में पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व लाया गया था। अब फरवरी में बांधवगढ़ से बाघिन को मुकुंदरा लाया जाएगा। इसके बाद, मध्य प्रदेश के कान्हा रिजर्व से बाघिन शिफ्ट की जाएगी और अंत में महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिनों को लाया जाएगा।



टाइगर रीलोकेशन के बारे में अधिकारियों की राय

मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक, मुथु सोमासुंदरम ने कहा कि यह परियोजना बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि शिफ्टिंग की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए हर एक कदम को ध्यान से लिया जा रहा है। सड़क और हवाई मार्ग दोनों ही विकल्पों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि बाघिन को सुरक्षित रूप से नए स्थान पर लाया जा सके।



राजस्थान रोडवेज में 'ऑपरेशन क्लीन राइड',फ्लाइंग टीम की बताते थे लोकेशन, 8 गिरफ्तार



Tags:
  • राजस्थान
  • वन विभाग
  • टाइगर रिजर्व
  • बाघ
  • बाघिन
  • बांधवगढ़
  • मुकुंदरा हिल्स