मूक बधिर स्कूल में हंगामे के बाद सरकार आई एक्शन में, प्रिंसिपल को किया सस्पेंड
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के बधिर स्कूल में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
- छात्रों ने स्कूल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
- शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया।
- मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
- जांच रिपोर्ट के बाद आगे कार्रवाई होगी।
राजस्थान में जयपुर के आनन्दीलाल पोद्दार बधिर स्कूल मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रिंसिपल भारत जोशी को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश भी जारी किए हैं। जांच की जिम्मेदारी जयपुर पूर्व के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दी गई है। जांच में छात्रों को स्कूल से बाहर किए जाने के आरोप, प्रदर्शन की वजह और पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी।
क्या थी छात्रों की शिकायत
मूक-बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल के छात्र लंबे समय से परेशानियों का सामना कर रहे थे। छात्रों ने स्कूल की कई व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई थी। छात्रों का आरोप था कि स्कूल में शौचालयों की स्थिति खराब है। पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है। इसके अलावा स्कूल भवन की हालत भी खराब बताई गई। इन्हीं समस्याओं को लेकर दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था।
शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने मामले पर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मामला सामने आते ही प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि जांच में जो भी जिम्मेदार मिलेगा, उसके खिलाफ कदम उठाया जाएगा।
बीकानेर रहेगा मुख्यालय
निलंबन आदेश के अनुसार प्रिंसिपल भारत जोशी का मुख्यालय निदेशक, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, बीकानेर रखा गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। फिलहाल विभाग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
दिव्यांग छात्रों की समस्याओं पर सवाल
इस पूरे मामले ने दिव्यांग छात्रों की सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। अब जांच समिति की रिपोर्ट से साफ होगा कि स्कूल में लापरवाही किस स्तर पर हुई।
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