राजधानी में जमीन 49 फीसदी तक होगी महंगी, DLC दरों में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी

Jageshwar prasad | Jul 07, 2026, 07:42 IST
जयपुर में जमीन 49 फीसदी तक महंगी होगी, DLC दरों में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में DLC कमेटी बैठक में शहरी क्षेत्रों में 40 फीसदी और कुछ कॉलोनियों में 49 फीसदी तक DLC दरें बढ़ाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, DLC दरें 10 से 49% तक बढ़ेंगी।
  • कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक, 50% से अधिक वाले प्रस्ताव सरकार को भेजे।
  • आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में अलग-अलग बढ़ोतरी, ग्रामीण क्षेत्रों में 35% तक।
  • रजिस्ट्री, स्टाम्प ड्यूटी और मुआवजे पर पड़ेगा असर, 7 दिन में लागू होगी नई दरें।
  • 2024 में दो बार बढ़ चुकी DLC दरें, अब तीसरी बार बड़ा इजाफा।

जयपुर में जमीन और संपत्ति खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है। जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में सोमवार को जयपुर कलेक्ट्रेट में डीएलसी (District Level Committee) कमेटी की बैठक हुई। इसमें अलग-अलग इलाकों में 10 से 49 फीसदी तक DLC दरें बढ़ाने के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।



शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 40 फीसदी और कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 फीसदी तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 35 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। 50 फीसदी से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव 7 दिन में लागू हो जाएंगे। 50 फीसदी से अधिक वाले प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे गए हैं।



DLC दर क्या होती है?

DLC यानी जिला स्तरीय कमेटी द्वारा तय की गई वह सरकारी दर होती है जिसके आधार पर जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री होती है।



कोई भी संपत्ति की DLC दर से कम मूल्य पर रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसी दर के आधार पर स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी तय होता है।



DLC दरें इसलिए बढ़ाई जाती हैं क्योंकि कई इलाकों में बाजार मूल्य और सरकारी DLC दर में बड़ा अंतर बन जाता है। ऐसे में सरकारी राजस्व कम होता है और काला धन पनपता है। बढ़ोतरी से यह अंतर कम करने का प्रयास किया जाता है।



शहरी क्षेत्रों में 40%, ग्रामीण में 35% तक बढ़ोतरी

बैठक में उन शहरी इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया जहां बाजार मूल्य और DLC दर में सबसे अधिक अंतर था। ऐसे क्षेत्रों में अधिकतम 40 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया।



कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 फीसदी तक की वृद्धि को सैद्धांतिक मंजूरी मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार मूल्य को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर 35 फीसदी तक DLC दर बढ़ाने की सिफारिश की गई है।



7 दिन में लागू हो जाएंगी नई दरें

जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि 50 फीसदी से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव 7 दिन में ही लागू हो जाएंगे। 50 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी के प्रस्ताव राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। कुछ क्षेत्रों में DLC दरें घटाने का प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजा गया है।



पहले भी तीन बार बढ़ चुकी हैं दरें

यह कोई पहली बार नहीं है। अप्रैल 2024 में DLC दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। दिसंबर 2024 में 5 से 15 फीसदी तक बढ़ाया गया। अप्रैल 2025 में जयपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अब यह चौथी बढ़ोतरी है और यह सबसे बड़ी भी है।



आम खरीदार पर तीन तरफ से असर

DLC दर बढ़ने से आम जनता पर तीन तरफ से बोझ बढ़ेगा। पहला, जमीन और जमीन की रजिस्ट्री पर देय स्टाम्प ड्यूटी बढ़ जाएगी। दूसरा, रजिस्ट्रेशन शुल्क भी अधिक देना होगा। तीसरा, सरकारी भूमि अधिग्रहण में किसानों और भू-स्वामियों को मिलने वाले मुआवजे के आधार में भी बदलाव आएगा।



FAQ

  1. DLC दर क्या होती है और इसका क्या असर होता है?
    DLC यानी जिला स्तरीय समिति द्वारा निर्धारित भूमि का वह सरकारी न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर संपत्ति की रजिस्ट्री होती है। इससे कम दाम पर रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसी आधार पर स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और भूमि अधिग्रहण मुआवजा तय होता है।

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