जयपुर अग्निकांड: फायर बाइक डाक पहुंचा रही, परकोटे में 3.90 करोड़ का सिस्टम ठप
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर अग्निकांड में प्रशासन की पोल खुली।
- आग बुझाने वाली बाइक अब डाक पहुंचा रही।
- 1.50 करोड़ की 20 फायर बाइक से टंकियां गायब।
- बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी फरार।
- 15 दिन में चालू करने होंगे 14 हाईड्रेट।
जयपुर के पुरोहित जी का कटला में भीषण आग लगी थी। इसके बाद निगम की लापरवाही सामने आई है। 2018 में 1.50 करोड़ रुपए में 20 फायर फाइटिंग बाइक खरीदी गई थीं। इन बाइक्स से पानी की टंकियां गायब हैं। अब इनका उपयोग डाक पहुंचाने में हो रहा है।
संकरी गलियों के लिए खरीदी थीं बाइक
परकोटे की संकरी गलियों में बड़ी दमकलें नहीं पहुंच पातीं। इस समस्या से निपटने के लिए 2018 में खास बाइक खरीदी गई थीं। इन पर 1.50 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। कुल 20 फायर फाइटिंग बाइक खरीदी गई थीं। ये बाइक्स आग लगने पर तुरंत पहुंचने के लिए बनाई गई थीं।
ये बाइक्स शहर के 12 फायर स्टेशनों को दी गई थीं। मकसद था कि आग लगते ही शुरुआती मिनटों में पानी की बौछार हो। इससे आग बड़ी न बने। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
अग्निशमन उपकरण हटाए गए
आरोप है कि फायर शाखा के अधिकारियों ने बाइक्स से उपकरण हटवा दिए। इन पर लगी टंकियां और वॉटर मिस्ट सिस्टम गायब हैं। बाइक्स को सामान्य बना दिया गया। अब इनका इस्तेमाल निजी कामों में हो रहा है।
बाइक्स का उपयोग अब अलग कामों में हो रहा है। ये अफसरों के आने-जाने में लगी हैं। फायर एनओसी की जांच में भी इन्हें इस्तेमाल किया जा रहा है। निगम मुख्यालय तक डाक पहुंचाने में भी ये लगी हैं।
7.5 लाख की एक बाइक
निगम ने प्रति बाइक 7.5 लाख रुपए खर्च किए थे। हर बाइक में 40 लीटर पानी की टंकी लगी थी। इसमें हाई-प्रेशर वॉटर मिस्ट सिस्टम भी था। यह सिस्टम आग बुझाने में बेहद कारगर होता है। लेकिन अब यह सब गायब है।
कटला में नहीं पहुंचीं बाइक
पुरोहित जी का कटला में लगी आग भीषण थी। बड़ी दमकलों के पहिए संकरी गलियों में ठप हो गए। वे मुख्य सड़क पर करीब 300 मीटर दूर ही रुक गईं। इसके बाद दमकलकर्मियों को छतों से पाइप बिछाना पड़ा। किसी तरह पानी पहुंचाया गया।
फायर एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये बाइक्स तैनात होतीं तो बड़ा हादसा टल सकता था। वे कटला की गलियों में तुरंत पहुंच जातीं। शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सकता था। इससे नुकसान कम होता।
बिल्डिंग मालिक फरार
अग्निकांड के बाद बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी फरार है। वह दूसरे दिन भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। पुलिस ने शनिवार को दूसरा नोटिस जारी किया। आग लगने के बाद उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। वह घर से फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
शनिवार को पुलिस ने पीड़ित व्यापारियों को थाने बुलाया। उनके बयान दर्ज किए गए। जांच में पता लगाया जा रहा है कि आग कैसे लगी। यह भी देखा जा रहा है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम थे या नहीं।
दो दर्जन दुकानें जलकर राख
गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे आग लगी थी। देखते ही देखते यह फैल गई। दो दर्जन से अधिक दुकानें चपेट में आ गईं। करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इस हादसे के बाद प्रशासन जागा है।
अब परकोटे के पुराने भवनों का सर्वे हो रहा है। व्यावसायिक भवनों की भी जांच हो रही है। फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास की जांच हो रही है। सुरक्षा मानकों पर कड़ाई से नजर रखी जा रही है।
उपायुक्त का बयान
फायर शाखा की उपायुक्त दुर्गा कुमारी ने कहा कि जांच करवाई जाएगी। अगर बाइक्स को दूसरे कामों में लगाया गया है तो कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि फायर बाइक आपातकालीन सेवा की अहम कड़ी हैं। हालांकि इनसे पहली मंजिल तक ही आग बुझाई जा सकती है।
स्वायत्त शासन सचिव का निरीक्षण
शनिवार शाम 5 बजे स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन कटला पहुंचे। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए। इससे भविष्य में ऐसी घटना न हो।
जैन ने निगम और स्मार्ट सिटी के अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन में सभी 14 हाईड्रेट चालू किए जाएं। हाईड्रेट में हो रहे लीकेज को दुरुस्त किया जाए। सभी हाईड्रेट के लिए घाटगेट स्टेशन से पानी की व्यवस्था हो।
जैन ने कटले के बरामदों और दुकानों के सामने लटकते तारों को हटाने को कहा। इसके लिए डिस्कॉम इंजीनियरों से तालमेल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने फायर एनओसी की जांच के लिए चेकिंग अभियान चलाने को कहा। बिना एनओसी वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई होगी।
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
जैन ने रास्तों में आ रहे अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हटने के बाद दोबारा कब्जा न हो। इसके लिए सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति की जाए। इससे संकरी गलियों में आने-जाने का रास्ता साफ रहेगा।
यह खबरें भी पढ़ें...
4 करोड़ का सिस्टम फिर भी कटला जला: बाजार बंद, व्यापारियों ने पूछा- टैक्स लेते तो सुरक्षा कहां?
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में भीषण आग, 20 से ज्यादा दुकानें चपेट में; 15 दमकल गाड़ियां मौके पर
गुलाबी नगरी का फीका पड़ रहा रंग, क्या जयपुर खो देगा वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा?
राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर, 6 संभागों में अलर्ट