जयपुर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 लोगों की मौत

Jageshwar prasad | Jun 09, 2026, 13:36 IST
जयपुर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग
जयपुर के खो नागोरियान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग और धमाके से 8 मजदूरों की मौत हो गई। 5 गंभीर रूप से झुलसे मजदूर SMS अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर मेंआबादी के बीचफटी अवैधपटाखाफैक्ट्री, 8 की मौत।
  • धमाकाइतना जोरदारकि पूरे घरकी दीवारेंगिर गईं।
  • 70-80 फीसदीजले मजदूर,SMSअस्पताल में भर्ती किए गए।
  • पुलिसथाने के पासचल रही थीबारूद की अवैधफैक्ट्री।
  • सुबहहंसते-खेलते गए थे,शाम को घरनहीं लौटे 8मजदूर।

जयपुर के खो नागोरियान इलाके में मंगलवार दोपहर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगी और जोरदार धमाका हुआ। यह फैक्ट्री किसी औद्योगिक इलाके में नहीं, बल्कि रिहायशी मकान के भीतर चल रही थी।



हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। जिला कलेक्टर संदेश नायक समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।



मृतकों में मोहम्मद अशरफ (40) पुत्र मोहम्मद शकील, मोहम्मद रब्बिल (16) पुत्र मोहम्मद सिकंदर, अब्दुल वहीद (46) पुत्र अब्दुल अजीज, समीर खान (20) पुत्र अनिस खान, बिलाल खान (28) पुत्र नासिर, आजीम खान (18) पुत्र नासिर खान और नासिर खान (25) पुत्र मोहम्मद अली शामिल हैं। सभी का संबंध खोह नागोरियान से था। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। इनमें तीन लोग मौके पर ही दम तोड़ चुके थे।



मरने वालों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। आजीम और बिलाल भाई थे। घटना के समय बिलाल छोटे भाई आजीम की फैक्ट्री देखने गया था, जहां दोनों बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान आग लगने से दोनों झुलस गए थे।



दोपहर में दहल उठा खो नागोरियान

मंगलवार की दोपहर खो नागोरियान थाना क्षेत्र में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। एक मकान के भीतर चल रही पटाखा फैक्ट्री में आग भड़क गई थी।



धमाका इतना तेज था कि इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया। काले धुएं का गुबार आसमान तक उठा। पड़ोसी इलाकों तक धमाके की आवाज पहुंची।



आग के बाद रह-रहकर छोटे-छोटे धमाके होते रहे। इससे बचाव कार्य में जुटी टीमों को भी पीछे हटना पड़ा।



मलबे से निकले शव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सिविल डिफेंस (Civil Defence) और दमकल टीमों ने जैसे-जैसे मलबा हटाया, मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया। बारूद के डिब्बों और लोहे की चादरों के नीचे मजदूरों के शव मिले।



घटनास्थल का मंजर बेहद दर्दनाक था। एक बुजुर्ग पिता जले हुए कपड़ों से अपनी संतान को पहचानकर जमीन पर बैठ गया। कई महिलाएं अपने पतियों और बेटों की सलामती की गुहार लगाती रहीं। जो मजदूर किसी तरह लपटों से बाहर निकल सके, वे भी बुरी तरह झुलस चुके थे।



SMS अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग

झुलसे हुए मजदूरों को पुलिस की पीसीआर (PCR) गाड़ियों और एम्बुलेंस से सवाई मानसिंह अस्पताल के बर्न वार्ड में लाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मरीजों का शरीर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुका है। धुएं के कारण फेफड़ों में भी गंभीर संक्रमण फैल गया है।



SMS अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विशेष टीम मरीजों की 24 घंटे निगरानी कर रही है। आईसीयू (ICU) के बाहर परिजन डरे-सहमे बैठे हैं।



घर से निकले थे रोज की मजदूरी के लिए

इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बेहद गरीब परिवारों से थे। रोज की मजदूरी से घर का चूल्हा जलाने वाले ये लोग सुबह हंसते-खेलते काम पर निकले थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि जिस बारूद को वे पैक कर रहे हैं, वही उनकी जान लेगा।



पुलिस थाने से कुछ कदम दूर था बारूद का गोदाम

इस हादसे ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध फैक्ट्री घनी आबादी के बीच लंबे समय से चल रही थी। न फायर एनओसी (NOC) थी, न सुरक्षा के उपकरण।



सबसे चौंकाने वाली बात यह कि यह सब खो नागोरियान पुलिस थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर हो रहा था। जयपुर नगर निगम (JMC), जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और प्रबंधकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर संदेश नायक, ADM और अन्य अधिकारी मौके पर तैनात रहे।



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