जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए 13,037 करोड़ मंजूर; प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक दौड़ेगी मेट्रो
News In Short
- केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए 13,037 करोड़ रुपये के आदेश जारी किए।
- 41 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर पर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ के बीच बनेंगे 36 मेट्रो स्टेशन।
- प्रोजेक्ट की 50% इक्विटी केंद्र सरकार देगी, जिससे राजस्थान सरकार को बड़ी राहत मिलेगी।
- जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज का निर्माण कार्य वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित।
- पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक 12 किमी कॉरिडोर का वर्कऑर्डर होगा जारी।
News In Detail
Jaipur: गुलाबी नगरी के सार्वजनिक परिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने जयपुर मेट्रो के बहुप्रतीक्षित फेज-2 परियोजना के लिए 13,037.66 करोड़ रुपये की औपचारिक वित्तीय मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 8 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को सहमति दी गई थी, जिसके मात्र 20 दिनों के भीतर मंत्रालय ने बजट रिलीज कर काम को गति दी है।
41 किलोमीटर का सफर, 36 स्टेशन
मेट्रो का यह दूसरा फेज शहर के उत्तर और दक्षिण छोर को आपस में जोड़ेगा। इस रूट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
रूट: यह कॉरिडोर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक फैला होगा।
कुल लंबाई: इस नए रूट की कुल लंबाई 41 किलोमीटर होगी।
स्टेशनों की संख्या: यात्रियों की सुविधा के लिए इस मार्ग पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
केंद्र-राज्य की 50-50% साझेदारी
इस मेगा प्रोजेक्ट का वित्तीय भार राजस्थान सरकार पर अकेले नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना में 50 प्रतिशत इक्विटी देने का निर्णय लिया है।प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा किया जाएगा। RMRCL में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50:50 के अनुपात में रहेगी, जिससे फंड की कमी नहीं होगी।
जल्द शुरू होगा काम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए थे। शुरुआती चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला के बीच 12 किलोमीटर के कॉरिडोर का निर्माण शुरू किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस 12 किमी के हिस्से के लिए जल्द से जल्द वर्कऑर्डर जारी किए जाएं।
वर्ष 2031 तक का लक्ष्य
जयपुर मेट्रो के इस विशाल विस्तार को पूरा करने के लिए वर्ष 2031 तक की समय सीमा तय की गई है। इस फेज के पूरा होने के बाद जयपुर में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने और प्रदूषण स्तर में गिरावट आने की उम्मीद है।
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