पिता को इसलिए जीवित छोड़ा... राहुल झा ने पुलिस पूछताछ में खोले हत्याकांड के राज
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के करधनी मर्डर केस में राहुल ने खोले राज।
- उसने कहा- 'क्राइम पेट्रोल' देखकर सोचता था कैसे बचूं।
- राहुल ने पुलिस को पिता को जीवित छोड़ने की भी वजह बताई।
- राहुल ने कहा- घर का मुखिया था, मेरी कोई वैल्यू नहीं थी।
- आरोपी के खिलाफ पहले से हैं लूट और धोखाधड़ी के मामले।
जयपुर के करधनी के गोविंद वाटिका में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या के आरोपी राहुल कुमार झा से पुलिस पूछताछ में वारदात से पहले की उसकी मानसिक स्थिति और हत्या के बाद फरारी की कई कड़ियां सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार राहुल ने पूछताछ में बताया कि वह अपराध पर आधारित धारावाहिक 'क्राइम पेट्रोल' देखता था और सोचता था कि अपराध करने के बाद क्या किया जा सकता है। वह कैसे बचे और उसके परिवार को क्या होगा।
उसने पिता को इसलिए जीवित छोड़ा क्योंकि उसे उम्मीद थी कि उसका भाई पिता की देखभाल कर लेगा।
घर का मुखिया था, लेकिन मेरी कोई वैल्यू नहीं थी
राहुल ने पुलिस को बताया कि बड़ी बेटी के पक्ष में उसकी पत्नी गीता और दोनों छोटी बेटियां रहती थीं। दोनों छोटी बेटियां बड़ी बहन का मोबाइल छिपाने के बाद उसे वापस दे देती थीं और मां उसे डांटने से रोकती थी।
राहुल ने पूछताछ में कहा कि घर का मुखिया होने के बावजूद उसे लगता था कि उसकी कोई अहमियत नहीं है। उसका आरोप है कि बड़ी बेटी के बार-बार झूठ बोलने और घर में पत्नी व छोटी बेटियों का उसका पक्ष लेने से तनाव में था।
वारदात वाली रात बड़ी बेटी पूरी रात जागती रही। उसने रात में बर्तन धोने को कहा था, लेकिन सुबह करीब पांच बजे वह बर्तन धो रही थी। आवाज सुनकर राहुल उठा और बेटी से कहासुनी हुई।इसके बाद वह घर के बाहर चींटियों को आटा डालने चला गया।
करीब साढ़े छह बजे लौटने तक बेटी के झूठ बोलने की बात उसके दिमाग में घूमती रही। चींटियों को आटा डालकर लौटने के बाद पत्नी गीता देवी और फिर छोटी बेटी गिरिशा उर्फ गोरी, बड़ी बेटी नंदिनी और फिर राधिका की हत्या कर दी।
कपड़े बदले, दूध लिया और पिता को चाय पिलाई
चारों की हत्या के बाद राहुल ने कपड़े बदले, तभी दूधवाला आ गया। करीब सात बजे दूध वाले से दूध लिया। फिर चाय बनाई और पिता को भी चाय पिलाई।
पुलिस के अनुसार उसने पिता को इसलिए जीवित छोड़ा, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि बाद में उसका भाई पिता की देखभाल कर लेगा। इसके बाद वह घर से निकल गया।
800 रुपए लेकर पहुंचा खाटूश्यामजी, 350 में बेची अंगूठी
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी राहुल वारदात के बाद करीब 800 रुपए लेकर खाटूश्यामजी पहुंचा। मंदिर में दर्शन करने के बाद धर्मशाला में रुका। पैसे खत्म होने पर उसने एक राहगीर से मोबाइल मांगकर रिश्तेदार को फोन किया और पैसों की मांग की।
पुलिस को रिश्तेदार के पास आए फोन की लोकेशन खाटूश्यामजी की मिली थी। इसके बाद पुलिस टीमें खाटूश्यामजी और रींगस में उसकी तलाश में जुट गईं।
शनिवार को वह रींगस पहुंचा और फुटपाथ पर ही रहा। पैसे की जरूरत पड़ने पर उसने एक राहगीर को करीब 350 रुपए में चांदी की अंगूठी बेच दी। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उसके आने-जाने का रोडमैप तैयार किया और रविवार शाम रींगस से उसे पकड़ लिया।
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामले
आरोपी के खिलाफ पहले से 2 लूट और एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज होना भी सामने आया है।
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