जयपुर नगर निगम की काउंटिंग सेंटर हुआ चेंज, 150 वार्डों की होगी गिनती
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर नगर निगम चुनाव की काउंटिंग सेंटर बदली गई।
- अब वोटों की गिनती भवानी निकेतन परिसर में होगी।
- पहले राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में होती थी काउंटिंग।
- गणेश चतुर्थी मेले की भीड़ के कारण लिया फैसला।
- 150 वार्डों की वोटिंग 11 सितंबर को होगी।
जयपुर नगर निगम की वोट काउंटिंग की जगह इस बार बदल दी गई है। पहले यह जेएलएन मार्ग स्थित राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में होती थी। अब यह सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में होगी। यह बदलाव गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी मेले की भारी भीड़ को देखते हुए किया गया है। नगर निगम के 150 वार्डों में वोटिंग 11 सितंबर को होनी है।
काउंटिंग सेंटर में हुआ बड़ा बदलाव
जयपुर नगर निगम की वोट काउंटिंग परंपरागत रूप से जेएलएन मार्ग स्थित राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज परिसर में होती रही है। लेकिन इस बार यह गिनती सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में कराई जाएगी।
नगर निगम के 150 वार्डों में वोटिंग 11 सितंबर को होगी। इसके लिए पोलिंग पार्टियां 10 सितंबर को भवानी निकेतन से रवाना की जाएंगी। जयपुर जिले की अन्य नगरपालिकाओं और नगर परिषदों की वोटिंग के लिए भी पोलिंग पार्टियां यहीं से रवाना होंगी।
वोटिंग के बाद कहां रखी जाएंगी मतपेटियां
वोटिंग पूरी होने के बाद शाम को सभी मतदान केंद्रों से मतपेटियां वापस लाई जाएंगी। इन्हें फार्मेसी कॉलेज, भवानी निकेतन परिसर में रखा जाएगा। यहीं से आगे की पूरी प्रक्रिया संचालित होगी।
गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी मेले में उमड़ती है भीड़
काउंटिंग सेंटर बदलने की सबसे बड़ी वजह गणेश चतुर्थी के दौरान जेएलएन मार्ग पर लगने वाला बड़ा मेला है। मोतीडूंगरी मेले में हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
इस भीड़ के कारण गांधी सर्किल से त्रिमूर्ति सर्किल तक ट्रैफिक डायवर्जन करना पड़ता है। यह क्षेत्र वही है, जहां परंपरागत रूप से काउंटिंग होती रही है।
क्यों बदलनी पड़ी काउंटिंग की जगह
अगर 14 सितंबर को नगर निगम के 150 वार्डों की गिनती कॉमर्स और राजस्थान कॉलेज में होती, तो ट्रैफिक को बजाज नगर मोड़ तक बंद करना पड़ता। इसके साथ ही प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ भी बड़ी चुनौती बन जाती।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने काउंटिंग भवानी निकेतन परिसर में कराने का फैसला लिया। इससे मेले और चुनावी गतिविधियों के बीच टकराव से बचा जा सकेगा।
18 अन्य निकायों में 9 सितंबर को वोटिंग
जयपुर जिले की 18 अन्य निकायों में वोटिंग का शेड्यूल अलग रखा गया है। इनमें बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नरायना, फागी और वाटिका शामिल हैं। इसके अलावा नगर परिषद चौमूं और शाहपुरा भी इसी सूची में हैं।
इन 18 निकायों के लिए 8 सितंबर को दो पारियों में पोलिंग टीमें रवाना की जाएंगी। यहां वोटिंग 9 सितंबर को होगी। इन निकायों की वोट काउंटिंग संबंधित मुख्यालयों पर ही कराई जाएगी।
प्रशासन का फोकस सुचारू चुनाव पर
प्रशासन की कोशिश है कि गणेश चतुर्थी के त्योहार और चुनावी प्रक्रिया के बीच कोई टकराव न हो। इसी वजह से समय रहते काउंटिंग सेंटर बदलने का फैसला लिया गया।
आने वाले दिनों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी और मतगणना से जुड़ी सभी तैयारियां भवानी निकेतन परिसर से ही संचालित होंगी।
FAQ
- जयपुर नगर निगम की वोट काउंटिंग अब कहां होगी?
वोट काउंटिंग अब सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में होगी। पहले यह राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में होती थी। यह बदलाव गणेश चतुर्थी मेले की भीड़ को देखते हुए किया गया है। - जयपुर नगर निगम में वोटिंग कब होगी?
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में वोटिंग 11 सितंबर को होगी। पोलिंग पार्टियां 10 सितंबर को भवानी निकेतन से रवाना होंगी। मतपेटियां शाम को फार्मेसी कॉलेज परिसर में लाई जाएंगी। - जयपुर में 18 निकायों की वोटिंग कब है?
इन 18 निकायों में वोटिंग 9 सितंबर को होगी। टीमें 8 सितंबर को दो पारियों में रवाना होंगी। काउंटिंग संबंधित निकायों के मुख्यालयों पर ही होगी।
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