भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर ने लगाए गंभीर आरोप, पार्टी के बड़े नामों को भी लिए घेरे में
Ashish Bhardwaj | Aug 23, 2026, 21:45 IST
सच्चाई लाएंगे सामने
राजस्थान भाजपा छोड़ चुके अजमेर के पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने वीडियो जारी कर 13 पत्रावली मामले में खुद को अकेला दोषी ठहराए जाने पर सवाल उठाए और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर आरोप लगाए।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर में CJP-ABVP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।
- गांधी शांति प्रतिष्ठान में चांटा मारने के बाद बढ़ा विवाद।
- पुलिस ने कुछ ABVP और भाजयुमो कार्यकर्ताओं को डिटेन किया।
- शास्त्री सर्किल गार्डन में CJP कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति।
- पुलिस ने कहा, मामले की जांच के बाद होगी कार्रवाई।
भाजपा छोड़ने के बाद जारी किया वीडियो
वीडियो में गहलोत ने 13 पत्रावलियों के मामले में अफसरों पर कोई कार्रवाई न होने और सिर्फ खुद को दोषी ठहराए जाने को अनुचित बताया। उन्होंने वासुदेव देवनानी से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया और कुछ शिकायत व फोटो पोस्ट कीं।
गहलोत का दावा- सच्चाई लाएंगे सामने
गहलोत का कहना है कि जब तक वे इस आरोप से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाते, तब तक भाजपा में शामिल नहीं होंगे। यह पूरा बयान गहलोत का अपना पक्ष है।
अकेले दोषी ठहराना गलत- गहलोत का तर्क
गहलोत के अनुसार यह मामला सरकार द्वारा गठित एम्पावर्ड कमेटी के सामने गया। इस कमेटी में कमिश्नर स्तर के अधिकारी, एक्सईएन, तकनीकी और विधि अधिकारी शामिल थे। उनका दावा है कि कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था, इसलिए सिर्फ उन्हें अकेले दोषी ठहराना अनुचित है।
साधारण सभा और 7 साल से लंबित फाइलें
गहलोत का यह भी दावा है कि आज इस मुद्दे को उठाने वाले कुछ लोग, जैसे चंद्रेश सांखला, उस समय भी बैठक में मौजूद थे और उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे। गहलोत के मुताबिक उस वक्त उन्होंने कोई विरोध नहीं जताया था। यह दावा भी अभी असत्यापित है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
गहलोत के अनुसार कमिश्नर के नोट ऑफ डिसेंट के बाद सरकार ने 26 अप्रैल 2019 को फिर इसे साधारण सभा में रखने के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि 7 साल बीतने के बावजूद वे फाइलें अब तक साधारण सभा में नहीं रखी गईं और नगर निगम में अनिर्णित पड़ी हैं।
देवनानी पर दबाव की राजनीति का आरोप
गहलोत ने भाजपा नेता महेंद्र जादम और भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी का नाम लेते हुए कहा कि इन फाइलों की जानकारी उन्हें भी है। उन्होंने दोनों नेताओं से भी सच्चाई जनता के सामने लाने की अपील की।
पुराने मामले का भी किया जिक्र
गहलोत के मुताबिक उस कर्मचारी की दो बेटियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की थी। उनका दावा है कि प्रभाव के इस्तेमाल से उस जांच को दबा दिया गया। यह भी गहलोत का निजी आरोप है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। गहलोत ने मांग की कि इस पुराने मामले की भी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
अब आगे क्या
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