टिकट न मिलने से नाराज नेता बिगाड़ रहे पार्टी का गणित, 20 से ज्यादा वार्डों में बागी बने चुनौती
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के बागी बढ़ा रहे परेशानी।
- 20 से ज्यादा वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दी चुनौती।
- टिकट कटने से नाराज नेताओं ने भरे पर्चे।
- दोनों दल जुटे डैमेज कंट्रोल में।
- भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज।
राजस्थान के जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों पार्टियों के 20 से ज्यादा वार्डों में बागी उम्मीदवार मैदान में उतर आए हैं, जो सीधे अपनी ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं। टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों ने निर्दलीय के तौर पर पर्चा भर दिया है, जिससे दोनों दलों का अपना ही चुनावी गणित बिगड़ता नजर आ रहा है।
20 से ज्यादा वार्डों में बागी बने चुनौती
नाम वापसी की आखिरी तारीख से पहले बागियों से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए दोनों दलों के सीनियर नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। पार्टी नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं और दावेदारों को मनाने की कोशिश में लगा है, ताकि वोटों का बंटवारा रोका जा सके और अधिकृत उम्मीदवार को चुनावी मुकाबले में मजबूती मिल सके।
वार्ड 6 और वार्ड 15 का हाल
वार्ड नंबर 6 में भाजपा की बागी संगीता बंदारा पार्टी की मुश्किल बढ़ा रही हैं। यहां भाजपा ने मंजू अग्रवाल को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस से कैलाशी देवी चुनाव मैदान में हैं। वहीं वार्ड नंबर 15 में भाजपा के बागी पंकज गोयल और तरुण गठोड़ ने पार्टी प्रत्याशी विक्रम सिंह रुदल की परेशानी बढ़ा दी है। इस वार्ड से कांग्रेस ने बद्री कुमावत को अपना प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का कांग्रेस पर वार
इस बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय चुनाव में पार्टी की जीत का दावा करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के निकायों में लंबे समय से "कट-कमीशन" का खेल चलता रहा है। उनके मुताबिक कांग्रेस कट-कमीशन में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा जनता की सेवा के मिशन में विश्वास करती है। राठौड़ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में जो काम नहीं किए, उनसे ज्यादा काम भाजपा सरकार ने अपने 31 महीने के कार्यकाल में कर दिखाए हैं। यह पूरी तरह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का अपना दावा और आरोप है।
नेता प्रतिपक्ष जूली का पलटवार
मदन राठौड़ के बयान पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पूरा प्रदेश गवाह है कि पिछले करीब तीन साल में भ्रष्टाचार ने तमाम सीमाएं पार कर दी हैं। जूली के मुताबिक आज समाज का हर वर्ग, चाहे किसान हों, युवा हों, व्यापारी हों या महिलाएं, पूरी तरह परेशान हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार की खामियां उजागर की थीं, लेकिन जवाब देने के बजाय सत्तापक्ष के नेता सदन से ही निकल गए।
जूली ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे अपने दफ्तरों से बाहर निकलकर प्रदेश का दौरा करें, तो जमीनी हकीकत का पता चल जाएगा। उन्होंने टूटी सड़कों, गड्ढों, स्कूलों और अस्पतालों की खस्ता हालत, बढ़ते अपराध और महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा को जनता की परेशानियों से ध्यान भटकाने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। यह भी नेता प्रतिपक्ष का अपना बयान और आरोप है।
निकायों के लिए भी जारी होगा घोषणा पत्र
राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा ने बताया है कि वह विधानसभा चुनावों की तर्ज पर शहरी निकायों के लिए भी अलग से घोषणा पत्र जारी करेगी। प्रदेश स्तर पर जारी होने वाले इस घोषणा पत्र में शहरी विकास से जुड़ी घोषणाएं शामिल होंगी। इसमें अगले पांच साल में शहरी विकास के लिए किए जाने वाले कामों का ब्यौरा होगा, जिसमें आरओबी (ROB – Road Over Bridge), सड़क और सफाई व्यवस्था जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े वादे शामिल होंगे।
स्मार्ट सिटी और शहर-वार समस्याओं पर फोकस
भाजपा के इस घोषणा पत्र में स्मार्ट गवर्नेंस, सिग्नल फ्री ट्रैफिक और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं के वादे भी किए जाएंगे। पार्टी के मुताबिक घोषणा पत्र तैयार करने से पहले शहरों की प्रमुख समस्याओं का सर्वे भी करवाया गया है। प्रदेश स्तर की घोषणाओं के अलावा हर शहर की प्रमुख समस्याओं और वहां की लोकप्रिय मांगों को भी इसमें शामिल किया गया है।
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