नीरज शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, वकील से मिलने आया था बलराम

Jageshwar prasad | Jul 25, 2026, 08:29 IST
नीरज शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जयपुर में बहुचर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड के मास्टरमाइंड बलराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 5 हजार का इनाम था। वह वकीलों से मिलने जयपुर आया था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नीरज शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार।
  • 5 हजार का इनामी बलराम जयपुर में दबोचा गया।
  • जयपुर में वकील से मिलने आया था फरार आरोपी।
  • हत्याकांड की तीन महीने से रची जा रही थी साजिश।
  • बेटी और जेठ समेत 7 आरोपी पहले ही जेल में।

जयपुर के बहुचर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात के मुख्य मास्टरमाइंड और फरार चल रहे रवि प्रकाश उर्फ बलराम को गिरफ्तार कर लिया है।



आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वह अपने जेल में बंद साथियों की जमानत के सिलसिले में वकील से मिलने जयपुर आया था। पुलिस सांगानेर से दबोचकर उससे पूछताछ कर रही है।



सांगानेर के सीताबाड़ी से गिरफ्तारी

डीसीपी (Deputy Commissioner of Police) वेस्ट रंजिता शर्मा ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। हेड कॉन्स्टेबल दयाराम को सूचना मिली थी कि इनामी आरोपी सांगानेर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट मोड पर आ गई।



पुलिस ने सांगानेर के सीताबाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी रवि प्रकाश उर्फ बलराम को दबोच लिया। बलराम जोधपुर के बिलाड़ा से ट्रेन में बैठकर तड़के जयपुर पहुंचा था।



वह यहां वकीलों से संपर्क कर रहा था। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे अन्य राज सामने आने की उम्मीद है।



संपत्ति हड़पने के लिए रची साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि बलराम अपनी चाची नीरज शर्मा की हत्या की साजिश तीन महीने से रच रहा था। पूरी वारदात के पीछे मुख्य वजह संपत्ति हड़पना थी।



साजिश के तहत उसने भरतपुर जिले के हेमंत शर्मा को सात लाख रुपए की सुपारी दी थी। हेमंत ने आगे अन्य बदमाशों को इस काम में शामिल किया।



शुरुआत में बदमाशों ने गाड़ी से कुचलकर नीरज शर्मा को मारने का प्रयास किया था। हालांकि भीड़भाड़ होने के कारण उनका पहला प्रयास असफल हो गया था। बाद में साजिश रचकर नीरज शर्मा की हत्या कर दी गई।



बेटी और जेठ समेत 7 आरोपी जेल में

इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस पहले ही कड़ियां जोड़ते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतका नीरज शर्मा की बेटी आयुषी और जेठ मोहन स्वरूप शामिल हैं।



इसके अलावा सुपारी लेने वाले हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव को भी पुलिस जेल भेज चुकी है।



बलराम हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार था, जो वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। बलराम की गिरफ्तारी से इस हत्याकांड से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की पूरी संभावना है।



अब जानिए मूल घटना

प्रतापनगर के रविंद्र नगर निवासी नीरज शर्मा के पति का करीब एक साल पहले निधन हुआ था। वे कोर्ट में एलडीसी (Lower Division Clerk) के पद पर कार्यरत थे। पति के निधन के आठ महीने बाद अनुकंपा के आधार पर नीरज को उसी पद पर नौकरी मिली थी। नीरज अपने 16 साल के बेटे के साथ रहती थीं।



3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे नीरज बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार टक्कर की रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे महिला उछलकर करीब 100 फीट दूर जा गिरीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई और स्कॉर्पियो चालक फरार हो गया।



हादसे से हत्याकांड तक की जांच

शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया था। लेकिन पुलिस जांच में यह सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के अनुसार बेटी आयुषी ने अपने ताऊ के बेटे बलराम उर्फ रवि और मोहन स्वरूप और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 7 लाख रुपए में सौदा किया था।



पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह संपत्ति और सरकारी नौकरी से जुड़ी थी। आरोप है कि आयुषी खुद अनुकंपा नियुक्ति पाना चाहती थी और परिवार की संपत्ति पर पूरा नियंत्रण चाहती थी। पुलिस ने इस मामले में आयुषी और उसके जेठ समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई है।



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