गूगल पर सर्च किए हत्या और बचने के तरीके, जयपुर पुलिस ने पकड़ा मास्टरमाइंड
समझें क्या है पूरा मामला
- रिश्तेदारों के तानों से परेशान होकर आयुष ने करवाई कैदी की हत्या।
- पिता के हत्यारे को मारने के लिए गूगल पर सर्च किए कई तरीके।
- 3 गोली मारकर उतारा मौत के घाट, दोस्तों से करवाई हत्या।
- हत्यारों ने हत्या के बाद बदले कपड़े, स्कूटी छोड़ी, बीयर पी, फिर पुलिस ने पकड़ा।
- नेपाल से लौटा आयुष, सालभर से कर रहा था पिता के हत्यारे को मारने की प्लानिंग।
जयपुर के धावास में 12 अगस्त को ओपन जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड आयुष गुर्जर (30) को गिरफ्तार किया है।
आयुष ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता महेन्द्र सिंह की हत्या गंगासहाय ने की थी। रिश्तेदारों के लगातार तानों से परेशान होकर उसने बदला लेने की योजना बनाई। उसने गूगल पर हत्या के तरीके और बचने के उपाय सर्च किए और अपने दोस्तों को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।
बदला लेने की कैसे बनाई प्लानिंग?
आयुष ने जयपुर पुलिसको बताया कि करीब एक साल पहले उसे पता चला कि उसके पिता का हत्यारा गंगासहाय सांगानेर की ओपन जेल में है।
तभी से उसने इंटरनेट पर हत्या करने और उसके बाद सबूत मिटाने के तरीके खोजने शुरू कर दिए। उसने क्राइम से जुड़े सैकड़ों वीडियो देखे और एक विस्तृत प्लान बनाया।
दोस्तों को कैसे किया तैयार?
आयुष ने अपने दोस्तों अमित और सोनू को शराब पार्टी देकर और क्लबों में ले जाकर उन्हें अपनी परेशानी बताई। उसने कहा कि रिश्तेदार पिता की हत्या का ताना मारकर उसे परेशान करते हैं।
उसने पिता की हत्या का बदला लेने की बात कहकर दोनों दोस्तों को तैयार किया और उन्हें कसम दिलाई कि वे इस काम को पूरा करेंगे। इसके बदले उसने दोनों को 30 हजार रुपए दिए।
हत्या कैसे हुई?
बुधवार शाम अमित की स्कूटी पर घूम रहे दोनों आरोपियों ने गंगासहाय को बाइक से जाते देखा। उन्होंने धावास इलाके में उसे रोका और तीन गोलियां मार दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आयुष की योजना थी कि हत्या के बाद वे सरेंडर कर देंगे, लेकिन बाद में उन्होंने भागने का फैसला किया।
भागने की कोशिश कैसे की?
हत्या के बाद आरोपी करीब 1.5 किलोमीटर दूर गए और वहां कपड़े बदले। फिर वे स्कूटी से भागे, लेकिन बारिश में स्कूटी पंचर हो गई, जिससे उन्होंने स्कूटी वहीं छोड़ दी।
इसके बाद उन्होंने ऑटो रिक्शा लिया और एक परिचित से दूसरी स्कूटी लेकर भागने लगे। रास्ते में उन्होंने बीयर भी पी। कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
आयुष कहां था?
हत्या के दौरान आयुष नेपाल में था। वह अपने ममेरे भाई कन्हैया गुर्जर और दोस्तों को जेल से छुड़वाने के लिए जयपुर आया था। इसी दौरान पुलिस ने उसे 14 अगस्त की रात को गिरफ्तार कर लिया।
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