जहां हुआ था आशुतोष रांका और ग्रामीणों में विवाद, वहां अब सरकारी स्कूल पर चला बुलडोजर
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा सरकारी स्कूल का नया भवन बनेगा।
- जर्जर भवन को बुलडोजर से हटाकर निर्माण शुरू किया गया है।
- स्कूल विवाद के बाद सरकार ने 18 लाख रुपए मंजूर किए।
- सीजेपी टीम ने पहले स्कूल की बदहाली का मुद्दा उठाया था।
- विवाद के बाद गांव में तनाव और पुलिस केस भी हुए थे।
राजस्थान जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल के नए भवन का काम शुरू हो गया है। बुधवार को प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से पुराने और जर्जर भवन को गिरा दिया।
यह वही स्कूल है, जिसको लेकर अगस्त में विवाद हुआ था। स्कूल की खराब हालत का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP – Cockroach Janata Party) की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था।
इसके बाद प्रशासन ने स्कूल भवन की स्थिति को देखते हुए नया निर्माण कराने का फैसला लिया।
18 लाख रुपए से बनेगा भवन
सरकार ने स्कूल भवन निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। इसमें 12 लाख रुपए सरकार की तरफ से और विधायक कोष से 6 लाख रुपए शामिल हैं।
पुराना स्कूल भवन साल 1999 में बनाया गया था। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण भवन जर्जर हो गया था। सुरक्षा को देखते हुए बच्चों की पढ़ाई दूसरी जगह शिफ्ट कर दी गई थी। अब नया भवन बनने के बाद बच्चों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सीजेपी ने उठाया था मुद्दा
स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर सीजेपी की टीम 21 अगस्त को रामपुरा-कंवरपुरा गांव पहुंची थी। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्कूल की स्थिति का वीडियो भी जारी किया था। उन्होंने दावा किया था कि स्कूल की हालत बेहद खराब थी और बच्चों को परेशानी हो रही थी। रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह वही स्कूल है, जो भैंसों के तबेले में चल रहा था। उन्होंने कहा कि अब यहां बच्चों के लिए अच्छा स्कूल बनेगा।
विवाद के बाद बढ़ा मामला
21 अगस्त को स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची सीजेपी टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। सीजेपी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया था। वहीं ग्रामीणों ने राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध किया था। उनका कहना था कि स्कूल की मरम्मत को लेकर गांव खुद प्रयास कर रहा था। विवाद में कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
ग्रामीणों में खुशी
नए स्कूल भवन का काम शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को अब सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा। ग्रामीणों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार पुराने भवन की जगह नया भवन बनने से गांव के बच्चों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अब आगे क्या होगा
प्रशासन ने पुराने भवन को हटाकर निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब नए भवन के निर्माण की गति पर नजर रहेगी। स्कूल भवन तैयार होने के बाद बच्चों को फिर से बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई का मौका मिलेगा। वहीं अगस्त में हुए विवाद से जुड़े मामलों की जांच भी पुलिस स्तर पर जारी है।
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