रिव्यू देखकर अमेरिकी महिला पहुंची SMS, जनरल वार्ड में रहकर कराया इलाज, बचाए लाखों

Jageshwar prasad | Sept 24, 2026, 09:52 IST
अमेरिका से जयपुर इलाज कराने पहुंची महिला
अमेरिका से जयपुर इलाज कराने पहुंची महिला
28 वर्षीय अमेरिकी महिला पित्त की थैली की पथरी का इलाज कराने जयपुर के SMS अस्पताल पहुंची। अमेरिका में जिस सर्जरी पर 14.35 लाख खर्च आता, वह यहां 20 हजार में हुई। महिला ने जनरल वार्ड में रहकर इलाज कराया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अमेरिका से जयपुर इलाज कराने पहुंची महिला।
  • एसएमएस अस्पताल में 20 हजार में हुई सर्जरी।
  • अमेरिका में सर्जरी के लिए आता 14 लाख का खर्च।
  • ऑनलाइन रिव्यू देखकर आई अमेरिकी मरीज।
  • जनरल वार्ड में रहकर ही कराया इलाज।

अमेरिका की एक महिला जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज कराने आई। उसे पित्त की थैली में पथरी थी। अमेरिका में सर्जरी पर 14 लाख खर्च आता। जयपुर में यही सर्जरी 20 हजार में हो गई। महिला ने जनरल वार्ड में रहकर इलाज कराया।



28 वर्षीय अमेरिकी महिला को पित्त की थैली में पथरी थी। उसने अमेरिका में इलाज का खर्च पता किया। वहां लैप्रोस्कोपिक सर्जरी पर करीब 14,35,895 रुपए खर्च बताया गया। यह लगभग 15 हजार अमेरिकी डॉलर है।



इसके बाद महिला ने ऑनलाइन जानकारी जुटाई। उसने SMS अस्पताल और यहां के डॉक्टरों के बारे में रिव्यू पढ़े। राजस्थान की हेल्थ पॉलिसी भी देखी।



सरकारी नियमों के तहत न्यूनतम शुल्क में इलाज का प्रावधान है। यह देखकर वह जयपुर आने के लिए तैयार हुई। उसने भारत आने का फैसला किया।



जयपुर आने जाने और ठहरने का खर्च भी जोड़ा। फिर भी कुल खर्च अमेरिका की सर्जरी से कम था। इसलिए वह सीधे जयपुर पहुंची।



SMS में 20 हजार में हुई सर्जरी

SMS अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग ने महिला का इलाज किया। डॉ राजेंद्र बागड़ी और उनकी टीम ने सर्जरी की। लैप्रोस्कोपिक तकनीक से पित्त की थैली निकाली गई।



इस सर्जरी पर केवल 20 हजार रुपए खर्च आया। यह लगभग 209 डॉलर होता है। सरकारी दरों पर यह ऑपरेशन हुआ।



महिला के अनुसार यह खर्च उसके आने जाने के खर्च से भी कम रहा। भारत आने, ठहरने और इलाज का कुल खर्च अमेरिका की सर्जरी से कम पड़ा।



अस्पताल में हर साल बाहर के मरीज आते हैं। अन्य राज्यों से करीब 15 हजार मरीज आते हैं। विदेशों से करीब 100 मरीज हर साल इलाज कराते हैं।



जनरल वार्ड में रही मरीज

खास बात यह रही कि महिला ने कॉटेज नहीं लिया। वह जनरल वार्ड में ही भर्ती रही। वहीं पर उसका इलाज हुआ।



डॉ राजेंद्र बागड़ी ने बताया कि जनरल वार्ड में सभी सुविधाएं थीं। महिला ने सामान्य मरीजों की तरह ही इलाज कराया।



ऑपरेशन में कई डॉक्टर शामिल रहे। एनेस्थिसिया विभाग से प्रो सुशील भाटी, डॉ इंदु, डॉ कंचन, डॉ सुनील भी टीम में थे।



लैप्रोस्कोपिक सर्जरी होने से रिकवरी तेज हुई। छोटे चीरे से ऑपरेशन होता है। दर्द कम होता है और मरीज जल्दी घर जा सकता है।



क्यों आ रहे हैं विदेशी मरीज?

SMS अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां सस्ते में बेहतर इलाज मिलता है। डॉक्टरों का अनुभव भी ज्यादा है।



मेडिकल टूरिज्म के कारण भी विदेशी मरीज आते हैं। अमेरिका, यूरोप में सर्जरी बहुत महंगी है। भारत में वही सर्जरी बहुत सस्ती है।



ऑनलाइन रिव्यू और सरकारी पॉलिसी से भरोसा बढ़ा है। मरीज पहले ही पूरी जानकारी ले लेते हैं। फिर जयपुर आते हैं।



राजस्थान सरकार की कई योजनाएं भी हैं। न्यूनतम शुल्क में इलाज का प्रावधान है। इससे गरीब और बाहरी मरीजों को फायदा मिलता है।



डॉक्टरों ने क्या कहा?

जनरल सर्जरी विभाग के डॉ राजेंद्र बागड़ी ने कहा कि महिला की सर्जरी सफल रही। लैप्रोस्कोपिक तकनीक से पित्त की थैली निकाली गई। वह जनरल वार्ड में ही रही।



उन्होंने कहा कि SMS में विदेशी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सस्ता और अच्छा इलाज कारण है। टीम वर्क से जटिल ऑपरेशन भी हो रहे हैं।



एनेस्थिसिया टीम ने भी सहयोग किया। सर्जरी के दौरान कोई दिक्कत नहीं आई। महिला अब स्वस्थ है और जल्द डिस्चार्ज होगी।



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