तीज की सवारी में दिखी राजस्थान की संस्कृति, कच्छी घोड़ी और फड़ गायन ने बांधा समा

Jageshwar prasad | Aug 15, 2026, 21:51 IST
जयपुर में तीज माता की शाही सवारी, त्रिपोलिया गेट पर हुई आरती
जयपुर में शनिवार शाम को तीज माता की शाही सवारी निकाली गई। पूर्व राजघराने के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने त्रिपोलिया गेट पर पूजा-आरती की। ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई। सवारी को 13 जगहों पर लाइव टेलीकास्ट किया गया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जयपुर में तीज माता की शाही सवारी, त्रिपोलिया गेट पर हुई आरती।
  • 13 जगहों पर लगाईं गई LED स्क्रीन, ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा।
  • 300 साल पुरानी परंपरा, पद्मनाभ सिंह ने की तीज माता की पूजा।
  • 25 किलो की पगड़ी से लेकर कठपुतली नृत्य, 175 कलाकारों ने दी प्रस्तुति।
  • पूर्व राजघराने के सदस्य बोले- जयपुर की तीज दुनिया में फेमस।

जयपुर में शनिवार शाम को तीज माता की शाही सवारी का भव्य आयोजन हुआ। पूर्व राजघराने के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने त्रिपोलिया गेट पर पारंपरिक रूप से पूजा-आरती की। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोग जुटे।



सवारी में करीब 175 लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोक संस्कृति की प्रस्तुति दी। ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई। सवारी को देखने के लिए 13 जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गईं, जहां लाइव टेलीकास्ट किया गया।



तीज माता की सवारी का मार्ग

यह शाही सवारी सिटी पैलेस से शुरू होकर त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार से होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची। छोटी चौपड़ पर महाआरती का आयोजन भी हुआ।



कलाकारों और कलाओं का प्रदर्शन

शाही सवारी में दिखी राजस्थानी संस्कृति औरविभिन्न लोक विधाओं की प्रस्तुतियां दी गईं। लोक नृत्यों में कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन हुआ।



संगीत में भपंग, रावणहत्था, फड़ गायन किया गया। इसके साथ ही कठपुतली, बहुरूपिया, तलवारबाजी विधाओं का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में खास आकर्षण बाड़मेर के कलाकार रहे जिन्होंने 25 किलो की भारी-भरकम पगड़ी पहनी हुई थी। महिला कलाकारों ने सिर पर मटकी रखकर चरी नृत्य किया।



175 कलाकारों ने दी प्रस्तुति


सवारी का लाइव टेलीकास्ट

जयपुर की तीज सवारीका लाइव प्रसारण 13 जगहों पर किया गया। छोटी चौपड़, अजमेरी गेट, न्यूगेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिरला मंदिर, राजस्थान यूनिवर्सिटी, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट।



पूर्व राजघराने की परंपरा

जयपुर पूर्व राजघराने के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने कहा कि जयपुर की तीज दुनिया में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा, जयपुर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां इतिहास और भविष्य दोनों साथ-साथ चलते हैं।



उन्होंने युवा पीढ़ी से इन परंपराओं में भाग लेने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि 2027 में जयपुर की स्थापना के 300 साल पूरे होंगे, जिस पर एक बहुत बड़ा सेलिब्रेशन होगा।



ये भी पढ़ें:-

जयपुर का UNESCO विश्व धरोहर तमगा संकट में, HC ने कहा परकोटे से हटें अवैध निर्माण



जयपुर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, टॉप-20 में भारत का एकमात्र शहर



गुलाबी नगरी का फीका पड़ रहा रंग, क्या जयपुर खो देगा वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा?



जयपुर मेट्रो फेज-2 के लिए 13,037 करोड़ मंजूर; प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक दौड़ेगी मेट्रो



Tags:
  • जयपुर
  • शाही सवारी
  • जयपुर की तीज सवारी
  • राजस्थानी संस्कृति
  • पद्मनाभ सिंह