फर्जी विधायक नेमप्लेट वाली गाड़ी से दिखाया रौब, 20 हजार की रिश्वत देने की कोशिश नाकाम
News In Short
- जयपुर में पुलिस ने विधायक की फर्जी नेम प्लेट वाली काली फॉर्च्यूनर किया जब्त।
- आरोपी ने पुलिस को रिश्वत देने की नाकाम कोशिश ।
- गाड़ी के रजिस्ट्रेशन ने किया खुलासा।
- पुलिस ने की फर्जी नेम प्लेट और काली फिल्म वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई।
- विधायक ने कहा कि इस मामले से नहीं है कोई संबंध।
News In Detail
राजस्थान के जयपुर में चल रही वीआईपी कल्चर और प्रतिबंधित काली फिल्म वाली गाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। पुलिस की चेकिंग के दौरान हाथोज में जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक काली फॉर्च्यूनर गाड़ी को रोका, जिस पर बड़े अक्षरों में विधायक का नाम लिखा था। गाड़ी का चालक पहले तो पुलिस को रौब दिखा रहा था लेकिन बाद में 20 हजार रुपए की घूस देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश करने लगा।
कांस्टेबल की सूझबूझ आई काम
पुलिस की चेकिंग के दौरान तैनात हेड कांस्टेबल धारासिंह ने जब संदिग्ध गाड़ी को रुकवाया, तो ड्राइवर श्याम ने रौब झाड़ते हुए कहा, यह विधायक की गाड़ी है, जाने दो। धारासिंह ने जवाब दिया, विधायक और उनकी गाड़ी इस रूट से रोज गुजरती है। मैं उन्हें अच्छी तरह पहचानता हूं, यह उनकी गाड़ी नहीं है। जब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो ड्राइवर ने 20 हजार रुपए की रिश्वत देने का प्रयास किया।
गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से खुली पोल
जब पुलिस ने गाड़ी के दस्तावेजों की जांच की, तो गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सलूंबर निवासी तुषार के नाम पर पाया गया। आरोपी विधायक की नेम प्लेट का दुरुपयोग कर टोल बचाने और चेकिंग से बचने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने तुरंत गाड़ी जब्त की
ट्रैफिक वेस्ट सीआई कविता शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत गाड़ी जब्त करने के आदेश दिए। कालवाड़ थानाधिकारी सुरेश सिंह ने बताया कि गाड़ी को थाने में खड़ा किया गया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या कहते है एक्सपर्ट
सड़क पर फर्जी नेम प्लेट और काली फिल्म लगाकर घूमना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। अपराधी पुलिस से बचने के लिए विधायक, प्रेस या पुलिस के स्टिकर का सहारा लेते हैं। इस तरह के मामलों में केवल ट्रैफिक चालान नहीं, बल्कि धोखाधड़ी और माननीयों के पद के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज होना चाहिए।
हवामहल विधायक ने किया बयान
हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि उक्त आरोपी और गाड़ी से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पुलिस से ऐसे जालसाजों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
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