जयपुर में ग्रामीण सत्ता का आरक्षण तय: 57 जिला परिषद, 386 पंचायत समिति वार्डों की तस्वीर साफ
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों का आरक्षण तय
- 10 SC, 8 ST, 10 OBC सीटें हुईं आरक्षित
- 57 में से 28 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व
- सामान्य वर्ग की 29 सीटों में 14 महिलाओं के लिए
- अब पंचायत समिति और सरपंच आरक्षण की बारी
जयपुर में पंचायती राज चुनाव से पहले ग्रामीण सत्ता का नया चुनावी गणित सामने आ गया है। बुधवार को जयपुर कलेक्ट्रेट में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के आरक्षण की प्रक्रिया हुई। जिला परिषद के 57 वार्डों के साथ 22 पंचायत समितियों के प्रधान और 386 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण तय किया गया।
सबसे बड़ा बदलाव उन नेताओं के लिए है, जो लंबे समय से अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। आरक्षण तय होने के बाद अब कई जगह दावेदारी का समीकरण बदल जाएगा। वहीं महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण ने भी ग्रामीण राजनीति में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के लिए रास्ता खोला है।
जिला परिषद के 57 वार्डों का गणित
जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों में 10 अनुसूचित जाति, 8 अनुसूचित जनजाति और 10 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 29 वार्ड सामान्य श्रेणी में हैं।
एससी वर्ग के लिए वार्ड नंबर 13, 23, 24, 27, 29, 32, 34, 36, 40 और 42 आरक्षित किए गए हैं। इनमें 23, 27, 32, 36 और 42 एससी महिला के लिए आरक्षित हैं।
एसटी वर्ग के लिए वार्ड नंबर 37, 38, 41, 44, 46, 47, 49 और 50 आरक्षित हैं। इनमें 41, 44, 46 और 47 एसटी महिला के हिस्से में आए हैं।
ओबीसी वर्ग के लिए वार्ड नंबर 1, 8, 10, 21, 22, 43, 45, 51, 56 और 57 आरक्षित किए गए हैं। इनमें 1, 8, 10, 43 और 51 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं।
जिला परिषद के 57 वार्डों का आरक्षण
| श्रेणी | कुल सीटें | महिला आरक्षित | ओपन |
|---|---|---|---|
| एससी | 10 | 5 | 5 |
| एसटी | 8 | 4 | 4 |
| ओबीसी | 10 | 5 | 5 |
| सामान्य | 29 | 14 | 15 |
| कुल | 57 | 28 | 29 |
29 सामान्य सीटों में 14 महिलाओं के लिए
एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के बाद जिला परिषद की 29 सीटें सामान्य श्रेणी में हैं। इनमें वार्ड नंबर 2, 5, 6, 9, 11, 15, 17, 19, 20, 25, 26, 31, 39 और 53 सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इस तरह जिला परिषद की 57 सीटों में एससी महिला की 5, एसटी महिला की 4, ओबीसी महिला की 5 और सामान्य महिला की 14 सीटें हैं। यानी कुल 28 सीटें महिला वर्ग के लिए विशेष रूप से आरक्षित हुई हैं। बाकी सीटें महिला आरक्षण से बाहर ओपन हैं, जहां पात्र महिला उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकती हैं।
प्रधान की कुर्सी का भी गणित बदला
जयपुर की 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण भी तय किया गया। इनमें 4 प्रधान पद एससी, 3 एसटी, 4 ओबीसी और 11 सामान्य श्रेणी के हिस्से में हैं।
एससी वर्ग में तूंगा और आंधी ओपन, जबकि रामपुरा डाबरी और कोटखावदा महिला के लिए आरक्षित हुए हैं।
एसटी वर्ग में चौमूं और किशनगढ़-रेनवाल ओपन हैं, जबकि अमरसर महिला के लिए आरक्षित हुआ है।
ओबीसी वर्ग में माधोराजपुरा और सांगानेर ओपन, जबकि जोबनेर और मौजमाबाद महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
सामान्य महिला श्रेणी में गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर और झोटवाड़ा शामिल हैं। सामान्य श्रेणी के बाकी प्रधान पद ओपन रखे गए हैं।
प्रधान पद: किस पंचायत समिति में कौन-सा आरक्षण
| श्रेणी | पंचायत समितियां |
|---|---|
| एससी ओपन | तूंगा, आंधी |
| एससी महिला | रामपुरा डाबरी, कोटखावदा |
| एसटी ओपन | चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल |
| एसटी महिला | अमरसर |
| ओबीसी ओपन | माधोराजपुरा, सांगानेर |
| ओबीसी महिला | जोबनेर, मौजमाबाद |
| सामान्य महिला | गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर, झोटवाड़ा |
| सामान्य ओपन | फाइनल प्रशासनिक सूची के अनुसार |
पंचायत समिति के 386 वार्डों का भी आरक्षण
जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों में कुल 386 सदस्य चुने जाने हैं। इनमें 64 वार्ड एससी, 46 एसटी और 56 ओबीसी वर्ग के लिए निर्धारित हैं। यानी इन तीन वर्गों के लिए कुल 166 वार्ड हैं, जबकि शेष 220 वार्ड सामान्य श्रेणी के दायरे में हैं।
पंचायत समिति स्तर पर भी महिला आरक्षण लागू होने से बड़ी संख्या में सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हुई हैं। इसके चलते कई पंचायत समितियों में पिछले चुनाव के मुकाबले उम्मीदवारों का पूरा समीकरण बदल सकता है।
386 पंचायत समिति का गणित
| श्रेणी | वार्ड |
|---|---|
| एससी | 64 |
| एसटी | 46 |
| ओबीसी | 56 |
| सामान्य | 220 |
| कुल | 386 |
अब 597 सरपंचों की बारी
जिला परिषद और पंचायत समितियों के बाद अब गांवों की सबसे अहम लॉटरी बाकी है। 24 सितंबर को जयपुर जिले की 597 ग्राम पंचायतों के सरपंच और 5,931 वार्ड पंच पदों का आरक्षण तय किया जाएगा।
यह प्रक्रिया संबंधित उपखंड अधिकारी मुख्यालयों पर होगी। सरपंच पद की लॉटरी सामने आने के बाद गांवों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की स्थिति भी साफ हो जाएगी।
पहले 17-18 सितंबर को होनी थी प्रक्रिया
पंचायती राज पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पहले 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन नगरीय निकाय चुनावों में जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारियों की व्यस्तता के कारण इसे आगे बढ़ाया गया। इसके बाद 23 सितंबर को जिला स्तर और 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर लॉटरी कराने का कार्यक्रम तय किया गया।
जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया इससे पहले 13 अगस्त को पूरी हो चुकी है। अब 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी पूरी होने के बाद जयपुर जिले में पंचायती राज चुनाव के लगभग सभी प्रमुख पदों की आरक्षण तस्वीर साफ हो जाएगी।
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