नौकरी से निकाले जाने के बाद संविदा कर्मचारी की मौत, 16 साल से दे रहे थे सेवा
समझें क्या है पूरा मामला
- जैसलमेर बैंक कर्मचारी राजेश मेघवाल की इलाज के दौरान मौत।
- 16 साल सेवा के बाद नौकरी जाने से तनाव का आरोप।
- बैंक ने 27 जुलाई को 11 संविदा कर्मचारियों को हटाया।
- परिजनों ने बैंक परिसर पहुंचकर किया विरोध प्रदर्शन।
- परिवार ने प्रबंधन पर पक्षपात और मिलीभगत के आरोप लगाए।
राजस्थान में जैसलमेर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के संविदा कर्मचारी राजेश मेघवाल की मौत हो गई। बैंक ने 27 जुलाई को उन्हें समेत 11 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था। परिजनों का आरोप है कि इस सदमे से राजेश गंभीर तनाव में आ गए। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जोधपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हुई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने बैंक परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। परिवार ने प्रबंधन पर पक्षपात और मिलीभगत के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
16 साल की सेवा के बाद अचानक नौकरी से निकाला
जैसलमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में राजेश मेघवाल पिछले 16 वर्षों से संविदा कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी उम्र 35 वर्ष बताई जा रही है। मृतक के रिश्तेदार ओमप्रकाश के अनुसार राजेश के पूरे परिवार का पालन-पोषण इसी नौकरी पर निर्भर था। इतने लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उनकी नौकरी अचानक जाना परिवार के लिए बड़ा झटका था।
बैंक प्रशासन ने 27 जुलाई को अचानक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत राजेश समेत 11 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया। 28 जुलाई को राजेश खुद बैंक पहुंचे और अधिकारियों से नौकरी पर बनाए रखने की गुहार लगाई। परिजनों के अनुसार उस समय किसी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी।
तबीयत बिगड़ने पर जोधपुर रेफर, फिर हुई मौत
परिजनों का कहना है कि नौकरी जाने के सदमे से राजेश का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया था। 29 जुलाई को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उन्हें जवाहिर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें जोधपुर रेफर कर दिया।
जोधपुर में इलाज के दौरान राजेश की मौत हो गई। परिवार के लिए यह नुकसान और भी दुखद इसलिए रहा, क्योंकि 12 दिन पहले ही राजेश की दादी का निधन हुआ था। गुरुवार को घर में दादी का बारहवां संस्कार होना था। लेकिन उसी दिन पोते का शव घर पहुंचने से पूरे परिवार में मातम छा गया। कुछ ही दिनों के भीतर परिवार को दो सदस्यों को खोना पड़ा, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
परिजनों ने बैंक परिसर में किया प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग गुरुवार को शव लेकर सीधे बैंक परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने बैंक प्रबंधन और एमडी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके साथ ही प्रदर्शन भी शुरू कर दिया। बैंक परिसर के बाहर मौके पर स्थानीय लोगों की भी भारी भीड़ जुट गई। यह विरोध बैंक परिसर में लंबे समय तक जारी रहा।
मिलीभगत और पक्षपात के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समर्थकों ने बैंक प्रबंधन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर अपने चहेते कर्मचारियों को बचा लिया। उनका आरोप है कि इसके उलट वर्षों से निष्ठा से काम कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। परिजनों का कहना है कि यह फैसला बिना किसी उचित सुनवाई के लिया गया, जिससे कर्मचारियों को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं मिला।
समाचार लिखे जाने तक बैंक परिसर में प्रदर्शन जारी था। लोग दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग भी उठाई जा रही थी। यह पूरा मामला अभी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग के बीच फंसा हुआ है।
किन 11 कर्मचारियों को हटाया गया
बैंक प्रशासन ने जिन 11 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से हटाया, उनके नाम सामने आए हैं। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील गोपा, लालचंद, प्रकाशदान, लाधूदान और रज्जब खां शामिल हैं। इसके अलावा सहायक कर्मचारी मूल सिंह, जोरु खां, जालम सिंह, विमला सिसोदिया और कमलाराम भी इस सूची में हैं। इसी सूची में मृतक राजेश मेघवाल का भी नाम शामिल है। इन सभी 11 कर्मचारियों की सेवा एक ही आदेश के तहत समाप्त की गई थी।
आगे क्या हो सकती है कार्रवाई
फिलहाल यह मामला बैंक प्रबंधन और परिजनों के बीच बड़े विवाद का रूप ले चुका है। परिजनों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बैंक प्रबंधन इन आरोपों पर क्या जवाब देता है।
ये खबर भी पढे़:-
अस्पताल में रोती बच्ची को पिता ने दूध पिलाया, फिर दबाया गला, मौत
सरिस्का क्षेत्र में उमड़े हजारों किसान, महापंचायत हुई
केवलादेव में गहराया जल संकट, सैकड़ों मछलियां मरीं, कछुए और पक्षी बेहाल
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों में इंफेक्शन, कारण जानने लैब भेजे गए सैंपल