दुर्लभ कैरेकल कैट को बचाने की अनूठी पहल; जैसलमेर में बनेगा प्रदेश का पहला 'गोट बैंक'
News In Short
- जैसलमेर में दुर्लभ कैरेकल के संरक्षण के लिए राजस्थान का पहला 'गोट बैंक' खुलेगा।
- गोट बैंक के जरिए शिकार होने पर पशुपालक को मुआवजे के रूप में नई बकरी दी जाएगी।
- प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच के संघर्ष को कम करना है।
- मार्च 2026 में 50 बकरियों के शिकार के बदले ग्रामीणों ने एक कैरेकल को जिंदा जला दिया था।
- पूरे भारत में मात्र 50 कैरेकल हैं, जिनमें जैसलमेर के इलाके में इनकी मौजूदगी सबसे अच्छी है।
News In Detail
Jaisalmer: राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में वन्यजीव संरक्षण और मानव-पशु संघर्ष को खत्म करने के लिए वन विभाग प्रदेश और सभवतः देश का पहला 'गोट बैंक' (बकरी बैंक) स्थापित करने जा रहा है। यह फैसला मार्च 2026 में हुई एक वीभत्स घटना के बाद लिया गया है, जिसमें अपनी बकरियों के शिकार से आक्रोशित ग्रामीणों ने एक दुर्लभ कैरेकल कैट को जिंदा जला दिया था। वन विभाग अब सजा के बजाय सहानुभूति और समाधान के जरिए इस दुर्लभ जीव को बचाने की कोशिश कर रहा है।
बदले की हत्या पर लगेगी रोक
वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) के सहयोग से तैयार इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों के आर्थिक नुकसान की तुरंत भरपाई करना है। अक्सर देखा जाता है कि जब कोई जंगली जानवर पालतू मवेशी का शिकार करता है, तो सरकारी मुआवजा मिलने में महीनों लग जाते हैं। इस देरी से उपजे गुस्से में ग्रामीण वन्यजीवों को मार देते हैं। 'गोट बैंक' इस अंतराल को खत्म करेगा। अब जैसे ही कैरेकल द्वारा शिकार की पुष्टि होगी, विभाग कागजी कार्रवाई का इंतजार किए बिना बैंक से उसी उम्र की स्वास्थ्य नई बकरी पशुपालक को सौंप देगा।
मार्च की वह काली घटना
मार्च 2026 में जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्र में एक कैरेकल को जिंदा जलाने का वीडियो वायरल हुआ था। जांच में पता चला कि उस कैरेकल ने ग्रामीणों की करीब 50 बकरियों को मार दिया था। आर्थिक नुकसान से बौखलाए ग्रामीणों ने पैरों के निशान का पीछा कर उसे घेर लिया और आग के हवाले कर दिया। बता दें कि पूरे भारत में अब मात्र 50 कैरेकल ही बचे हैं, जिनमें से जैसलमेर में केवल 4 के छोटे से कुनबे की पुष्टि हुई है।
कैसे संचालित होगा गोट बैंक?
मैपिंग और सर्वे: WTI की टीम मई के अंत में जैसलमेर पहुंचकर उन हॉटस्पॉट्स की मैपिंग करेगी जहां कैरेकल और इंसानों का आमना-सामना अधिक होता है।
प्रारंभिक स्टॉक: प्रत्येक बैंक में शुरुआत में 25 स्वस्थ बकरियों का स्टॉक रखा जाएगा।
सस्टेनेबल मॉडल: बैंक को लंबे समय तक चलाने के लिए एक अनूठा नियम बनाया जा सकता है। इसके तहत, जिस ग्रामीण को बैंक से बकरी मिलेगी, उसे भविष्य में अपनी बकरी का एक बच्चा बैंक में दान करना होगा ताकि स्टॉक स्वतः बना रहे।
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गर्व की बात
जैसलमेर के डीएफओ (DFO) शुभम कुमार कहते हैं कि हमारा लक्ष्य ग्रामीणों के मन से कैरेकल के प्रति कड़वाहट को खत्म करना है। जब पशुपालक को पता होगा कि उसके नुकसान की भरपाई तत्काल हो जाएगी, तो वह वन्यजीव पर हमला नहीं करेगा। कैरेकल एक बेहद शर्मीला और फुर्तीला शिकारी है, जिसका हमारे इकोसिस्टम में होना गौरव की बात है।
हवा में पक्षियों को पकड़ने में माहिर
कैरेकल, जिसे हिंदी में सियागोश भी कहा जाता है, अपनी ऊंची छलांग और हवा में पक्षियों को पकड़ने की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसके कानों के ऊपर काले बालों के गुच्छे इसे अन्य बिल्लियों से अलग पहचान देते हैं। सरकार अब जैसलमेर के अलावा सवाई माधोपुर में भी इनके लिए रिसर्च सेंटर बनाने पर विचार कर रही है।
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