पूर्व RPSC मेंबर कटारा चौथी बार गिरफ्तार; 60 लाख में बेचा था कृषि विज्ञान व्याख्याता का पेपर
Jageshwar prasad | May 10, 2026, 20:27 IST
Photograph: (the sootr)
SOG ने RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा को चौथी बार गिरफ्तार किया है। कटारा पर 2022 की कृषि विज्ञान व्याख्याता भर्ती का पेपर 60 लाख में बेचने और भांजे के लिए दूसरा पेपर मांगने का आरोप है। माफिया शेर सिंह सहित तीन गिरफ्तार हुए हैं।
News In Short
- RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा चौथी बार गिरफ्तार।
- सरकारी आवास पर ही पेपर लीक करने का लगा आरोप
- कृषि विज्ञान व्याख्याता भर्ती-2022 का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा।
- कटारा ने भांजे के लिए 'पेपर के बदले पेपर' की डील की थी,।
- मेरिट में तीसरी रैंक लाने वाले अशोक यादव ने 7 लाख में पेपर खरीदा था।
News In Detail
यह गिरफ्तारी ओपीजेएस विश्वविद्यालय में बैकडेट में फर्जी मार्कशीट तैयार करने के मामले की जांच के दौरान हुई। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी मार्कशीट के मामले में जांच आगे बढ़ने पर कटारा और पेपर लीक गिरोह के बीच हुए सौदों का खुलासा हुआ।
कैसे शुरू हुई पूरी जांच?
5 मार्च 2026 को एसओजी थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। जांच के दायरे में सबसे पहले अनिता चौधरी आई, जो जयपुर के फागी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल व्याख्याता (कृषि) पद पर कार्यरत थी। जांच में पाया गया कि उसने बैकडेट में एम.एससी. एग्रीकल्चर की फर्जी मार्कशीट बनवाकर नौकरी हासिल की थी। अनिता चौधरी के फरार रहने के कारण जांच में थोड़ी देरी हुई, लेकिन बाद में एसओजी के आईजी अजय लांबा, डीआईजी परिस देशमुख और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया ने जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया।
अशोक यादव ने खोले राज
अशोक ने स्वीकार किया कि उसने पेपर माफिया गिरोह के सदस्य विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सॉल्व्ड पेपर खरीदने का सौदा किया था। उसके अनुसार, उसे सामान्य ज्ञान का पेपर नहीं मिल पाया, इसलिए उस पेपर में उसके केवल 68 अंक (150 में से) आए। लेकिन कृषि विज्ञान का सॉल्व्ड पेपर उसे परीक्षा से एक दिन पहले 10 अक्टूबर 2022 को मिल गया था, जिससे उसने 300 में से 239 अंक हासिल कर लिए। यह असामान्य अंतर साफ तौर पर पेपर लीक की ओर इशारा करता है।
एसओजी के अनुसार, इस परीक्षा में 280 पदों के मुकाबले केवल 55 अभ्यर्थी ही उत्तीर्ण हुए थे, ऐसे में अशोक का प्रदर्शन और भी संदिग्ध लगता है।
कटारा कैसे बना पेपर लीक का मुख्य सूत्रधार?
SOG जांच में सामने आया कि उस समय RPSC में विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी अलग-अलग सदस्यों को दी गई थी। कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र बाबूलाल कटारा के जिम्मे था। आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद कटारा उसे अपने सरकारी आवास ले गया। वहां उसके भांजे विजय डामोर ने पेपर को एक रजिस्टर में लिखा। इसके बाद यह पेपर अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को दे दिया गया।
शेर सिंह ने प्रश्नपत्रों की प्रतियां तैयार कर विनोद रेवाड़, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका जैसे साथियों को उपलब्ध कराईं। इनके जरिए अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाए गए और करोड़ों रुपए की अवैध वसूली की गई।
भांजे के लिए भी मांगा पेपर, लेकिन लाभ नहीं मिल पाया
शेर सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने दोनों प्रश्नपत्रों का इंतजाम कर परीक्षा वाले दिन विजय डामोर के मोबाइल पर भेज दिया था। लेकिन विजय डामोर ने परीक्षा से पहले मोबाइल चेक नहीं किया और बिना पेपर देखे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया, जिससे उसे लीक पेपर का कोई लाभ नहीं मिल पाया।
कटारा के खिलाफ यह चौथी गिरफ्तारी
एडीजी विशाल बंसल ने कहा, "यह मामला प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर हमला है। इसमें शामिल सभी आरोपियों, बिचौलियों तथा लाभार्थियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
ये भी पढ़ें:-
72 दुर्गम क्षेत्र कठिन स्थान घोषित; न्यायिक अधिकारियों के लिए 5,000 रुपए मासिक भत्ते की घोषणा
मूल निवास प्रमाण पत्र के नियमों में बड़ा बदलाव, जानें कौन होगा पात्र और कैसे करें आवेदन
पत्नी को गिफ्ट किया आईफोन, किस्त भरने के लिए पति बना चोर; गहनों के साथ होम थिएटर भी चुराया
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari