जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार, ऑनलाइन किया था धर्म परिवर्तन
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी महिला स्लीपर सेल बबीता गिरफ्तार हुई।
- मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर ATS ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
- आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए महिला को कट्टरपंथ की ओर मोड़ा गया।
- जांच में पाकिस्तान से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क और अकाउंट सामने आए हैं।
- एजेंसियों का मानना है कि यह साजिश पिछले 6–7 महीनों से चल रही थी।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की एक महिला स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर एटीएस ने बबीता नाम की महिला को हिरासत में लिया। आरोप है कि उसे ऑनलाइन कलमा पढ़ धर्म परिवर्तन किया गया। पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों ने सोशल मीडिया के जरिए उसे जाल में फंसाया।
सूचना पर एटीएस ने की कार्रवाई
जयपुर में एटीएस की यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस की खुफिया सूचना पर हुई। बबीता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है।
एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि प्रतिबंधित संगठनों के लोगों ने बबीता को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग उसके जरिए भारत में घटनाएं कराना चाहते थे।
ऑनलाइन कट्टरपंथ का आरोप
एसपी त्रिपाठी के मुताबिक यह संभव है कि प्रतिबंधित संगठनों ने बबीता को कट्टरपंथी बनाया हो। आरोप है कि उसने ऑनलाइन कलमा पढ़कर धर्म परिवर्तन किया। हालांकि जांच एजेंसी ने साफ किया है कि अभी यह पुष्ट नहीं हुआ कि धर्म परिवर्तन वास्तव में हुआ या नहीं।
फिलहाल सारे सबूत डिजिटल स्तर पर उपलब्ध हैं और उनकी पुष्टि होनी बाकी है। जांच एजेंसी ने बताया कि पिछले छह से सात महीनों से यह साजिश रची जा रही थी।
मिले प्रतिबंधित संगठनों के अकाउंट
जांच में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे अकाउंट सामने आए हैं जो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। एसपी त्रिपाठी ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि ये वही मूल लोग हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इन्होंने पहले कोई घटना की है।
एसपी के मुताबिक यह बात स्पष्ट है कि ये लोग पाकिस्तान और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। यह भी संभावना है कि कुछ संगठनों ने अपने नाम बदल लिए हों। इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच में होगी।
क्या है जैश-ए-मोहम्मद और स्लीपर सेल
जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आधारित एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। भारत सरकार ने इसे आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। स्लीपर सेल उन लोगों को कहते हैं जो आम नागरिक की तरह रहते हैं लेकिन संगठन के इशारे पर सक्रिय होते हैं।
इस तरह की कार्रवाई यह दिखाती है कि आतंकी नेटवर्क अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियां इन पर लगातार नजर रख रही हैं।
FAQ
- जयपुर में गिरफ्तार महिला स्लीपर सेल पर क्या आरोप हैं?
बबीता नाम की महिला पर आरोप है कि उसे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाया। उस पर ऑनलाइन माध्यम से धर्म परिवर्तन का भी आरोप है। एटीएस का कहना है कि उसे भारत में घटनाएं कराने के लिए तैयार किया जा रहा था। - एटीएस को महिला स्लीपर सेल मामले की सूचना कैसे मिली?
मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एटीएस को इस स्लीपर सेल की सूचना दी। इसके बाद एटीएस ने जयपुर में कार्रवाई करते हुए बबीता को गिरफ्तार किया। मामले की जांच अभी जारी है। - जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल कैसे काम करती है?
स्लीपर सेल के सदस्य आम नागरिक की तरह जीवन जीते हैं और संगठन के इशारे पर सक्रिय होते हैं। जैश जैसे संगठन सोशल मीडिया के जरिए लोगों को कट्टरपंथी बनाते हैं। इस मामले में भी ऑनलाइन माध्यम से संपर्क और प्रभाव डालने का आरोप है।
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