8 प्रसूताओं की जिंदगी से खेलने वाली 25 दवाओं पर रोक, AIIMS को भेजी रिपोर्ट

Ashish Bhardwaj | Jun 23, 2026, 17:18 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। संदिग्ध ड्रिप समेत 25 दवाओं पर रोक लगाई गई। एम्स की टीम जांच करेगी।

समझें क्या है पूरा मामला



  • जोधपुर में 25 दवाओं और इंजेक्शनों के उपयोग पर लगी रोक।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की अचानक बिगड़ गई थी तबीयत।
  • मरीजों को दी गई सोडियम लैक्टेट ड्रिप को माना गया संदिग्ध।
  • दो प्रसूताएं गंभीर हालत में एम्स में डायलिसिस पर भर्ती हैं।
  • पूरे मामले की जांच मेडिकल कॉलेज और एम्स की टीम करेगी।

राजस्थान सरकार ने जोधपुर में प्रसूताओं को डिलीवरी में उपयोग हो रही 25 तरह की दवा-इंजेक्शनों पर रोक लगा दी है। सभी दवाओं को जांच के लिए भेज दिया है। इन दवाओं को जब तक यूज नहीं किया जा सकता हैं, तब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है।



क्या था मामला

जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में 20 जून को सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई।



इन सभी को ऑपरेशन के दौरान सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन यानी ड्रिप दी गई थी। यह ड्रिप का पहला बैच था, जो सात दिन पहले ही अस्पताल में आया था। प्रसूताओं का यूरिन बंद हो गया और किडनी पर असर आया।



सिजेरियन के बाद बिगड़ी तबीयत

शनिवार सुबह से दोपहर के बीच 8 प्रसूताओं की डिलीवरी हुई। डिलीवरी के कुछ घंटों बाद ही उनकी हालत खराब होने लगी। यूरिन बंद हो गया।



कुछ प्रसूताओं में ब्लीडिंग शुरू हो गई। तुरंत डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। सैंपल लिए गए। जांच में सामने आया कि किडनी पर असर पड़ा है।



संदिग्ध ड्रिप पर लगी रोक

पावटा जिला अस्पताल के पीएमओ (PMO) डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया कि सोडियम लैक्टेट ड्रिप प्री-सिजेरियन और पोस्ट-सिजेरियन ऑपरेशन दोनों स्थितियों में दी जाती है। यह सामान्यतः 1000 से 1500 एमएल (ML – Millilitre) के बीच दी जाती है।



उन्होंने बताया कि इस बैच की सप्लाई सात दिन पहले हुई थी। शनिवार को पहली बार इसे यूज किया गया। बाकी दवाएं और इलाज वही था, जो पहले से चल रहा था।



25 दवाओं पर प्रतिबंध

मेडिकल डिपार्टमेंट ने इस ड्रिप सहित कुल 25 दवाओं और इंजेक्शनों को संदिग्ध माना है। इन सभी के सैंपल ले लिए गए हैं। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती, इनका यूज पूरी तरह बंद है।



डॉ. चौपड़ा ने यह भी बताया कि जब तक ओटी (OT – Operation Theatre) और मेडिसिन की रिपोर्ट नहीं आती, अस्पताल में ऑपरेशन बंद रहेंगे। नए ऑपरेशन के मरीजों को एमडीएम (MDM – Mathura Das Mathur Hospital) में शिफ्ट किया जाएगा।



दो प्रसूताएं एम्स में, डायलिसिस पर

6 प्रसूताओं का इलाज पावटा जिला अस्पताल में जारी है। उनकी हालत में सुधार है। सोमवार को उन्हें खाने में दलिया भी दिया गया।



दो प्रसूताएं ललिता और सोनल की हालत गंभीर है। पहले इन्हें एमडीएम हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। वहां डायलिसिस हुआ, लेकिन हालत नहीं सुधरी।



रविवार रात करीब एक बजे ललिता की तबीयत और बिगड़ी। पूरी टीम के साथ उसे एम्स (AIIMS) रेफर किया गया। इसके बाद सोनल को भी दो डायलिसिस के बाद एम्स भेज दिया गया।



परिजनों ने उठाए सवाल

ललिता के परिजनों ने बताया कि रविवार को जब वे मिलने गए तो हालत गंभीर थी। लंग्स और किडनी दोनों पर असर आया था।



परिजनों ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। किसकी गलती से यह हुआ, यह सामने आना जरूरी है।



एम्स और मेडिकल कॉलेज टीम जांचेगी

पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज के स्तर पर एक अलग जांच टीम बनाई गई है। एम्स की टीम भी स्वतंत्र रूप से जांच करेगी।



डॉ. चौपड़ा के मुताबिक संक्रमण या नुकसान का असल कारण तब ही पता चलेगा, जब जांच रिपोर्ट सामने आएगी।



FAQ

  1. जोधपुर में प्रसूताओं की तबीयत क्यों खराब हुई?
    20 जून को सिजेरियन डिलीवरी के दौरान लगाई गई सोडियम लैक्टेट ड्रिप को संदिग्ध माना जा रहा है। यह ड्रिप का पहला बैच था, जो सात दिन पहले ही अस्पताल आया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद असल कारण पता चलेगा।
  2. अभी 8 प्रसूताओं की क्या स्थिति है?
    6 प्रसूताएं पावटा जिला अस्पताल में हैं और उनकी हालत में सुधार है। दो प्रसूताएं ललिता और सोनल की हालत गंभीर है, जिन्हें एम्स जोधपुर में शिफ्ट कर डायलिसिस पर रखा गया है।
  3. अब इस मामले में आगे क्या होगा?
    25 दवाओं और इंजेक्शनों पर रोक लगाई गई है और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज की टीम और एम्स दोनों स्वतंत्र जांच करेंगे। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, अस्पताल में ऑपरेशन बंद रहेंगे।

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