जोधपुर केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग: धमाके की चपेट में 14 फायरकर्मी
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर की केमिकल फैक्ट्री में आग के बाद लगातार धमाके हुए।
- आग बुझाने पहुंचे फायरकर्मी ही धमाके की चपेट में आ गए।
- 14 फायरकर्मी घायल, 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- 10 दमकल गाड़ियों से चल रहा था आग बुझाने का अभियान।
- फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल रखने को लेकर भी जांच शुरू।
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में बुधवार शाम एक केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग उस समय और खतरनाक हो गई, जब आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री में रखे केमिकल ड्रमों में जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की चपेट में आने से 14 फायरकर्मी घायल हुए हैं। इनमें 8 फायरकर्मियों के 50 फीसदी से ज्यादा झुलसने की जानकारी अधिकारियों की ओर से दी गई है।
हादसा बासनी औद्योगिक क्षेत्र के गणेश नगर स्थित केमिकल फैक्ट्री में हुआ। आग लगने की सूचना शाम करीब 5:30 बजे मिली थी। इसके बाद अलग-अलग फायर स्टेशनों से करीब 10 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब 35 फायरकर्मी आग बुझाने के अभियान में जुटे थे।
आग बुझाते समय हुआ जोरदार धमाका
फैक्ट्री परिसर में केमिकल से भरे ड्रम रखे हुए थे। आग इन तक पहुंचने के बाद एक के बाद एक धमाकों की स्थिति बन गई। इसी दौरान एक जोरदार विस्फोट हुआ और आग बुझाने में जुटे फायरकर्मी इसकी चपेट में आ गए।
प्रारंभिक जानकारी में 13 फायरकर्मियों के झुलसने की बात सामने आई थी, जबकि बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने घायलों की संख्या 14 बताई।
8 फायरकर्मी 50 फीसदी से ज्यादा झुलसे
हादसे में घायल फायरकर्मियों में से 8 के 50 फीसदी से अधिक झुलसने की जानकारी सामने आई है। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों के इलाज के लिए अस्पताल में अलग ICU और बर्न संबंधी उपचार की व्यवस्था की गई है।
घायलों को पहले एम्स जोधपुर ले जाया गया। इसके बाद बर्न उपचार की जरूरत को देखते हुए कई घायलों को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक घायलों का उपचार जारी है।
फैक्ट्री में दो-तीन दिन पहले आया था नया केमिकल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में घटना से कुछ दिन पहले नया केमिकल लाया गया था। इसका इस्तेमाल हैंडीक्राफ्ट और औद्योगिक काम में किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह और धमाके के पीछे मौजूद केमिकल की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन इसकी जांच कर रहे हैं।
फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल रखने की भी जांच
पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया के अनुसार, फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल और थिनर के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। अब यह जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में इस तरह के केमिकल रखने की अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
फैक्ट्री के आसपास रिहायशी इलाका होने के कारण एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। धमाकों के कारण आग बुझाने का अभियान भी मुश्किल हो गया था।
कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया मौके पर पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल फायरकर्मियों के इलाज की जानकारी ली।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल आग को पूरी तरह नियंत्रित करने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की है। साथ ही फैक्ट्री में रखे केमिकल, सुरक्षा इंतजाम और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
आग कैसे लगी, इसकी जांच जारी
फैक्ट्री में आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि परिसर में किस प्रकार के केमिकल रखे गए थे, उन्हें रखने की अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
आग और धमाकों के कारण फैक्ट्री में कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन भी जांच और राहत कार्य पूरा होने के बाद किया जाएगा।
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