जोधपुर कोर्ट ने रद्द की सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, जानिए क्या है पूरा मामला
News In Short
- जोधपुर अपर सेशन कोर्ट ने आतंकी यासर की जमानत रद्द की।
- आरोपी को शर्तों के साथ जमानत मिली थी, लेकिन उसने शर्तों को तोड़ा।
- आतंकी गतिविधियों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है आरोपी
- यासर पर राजस्थान में धमाकों की साजिश रचने का आरोप है।
- यासर पर देशद्रोह, UAPA और विस्फोटक अधिनियम की गंभीर धाराएं दर्ज।
News In Detail
Jodhpur: राजस्थान में आतंक की साजिश रचने वाले इंडियन मुजाहिदीन (IM) के आतंकी मोहम्मद अमार यासर पर कानून का शिकंजा एक बार फिर कस गया है। जिस जमानत को उसने सुप्रीम कोर्ट से हासिल किया था, उसे उसकी अपनी ही आतंकी आदतों ने छीन लिया है। जोधपुर की अपर सेशन अदालत ने एक कड़ा फैसला सुनाते हुए न केवल यासर की जमानत रद्द कर दी है, बल्कि उसे झारखंड की जेल से वापस जोधपुर लाने के लिए प्रोडक्शन वारंट भी जारी कर दिया है।
शर्तें टूटीं तो खत्म हुई राहत
अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-3 (जोधपुर महानगर) देवेंद्र सिंह भाटी ने अपने आदेश में एक महत्वपूर्ण कानूनी नजीर पेश की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि भले ही जमानत सुप्रीम कोर्ट से मिली हो, लेकिन अगर आरोपी शर्तों का मजाक उड़ाता है तो ट्रायल कोर्ट को उसे रद्द करने का पूरा अधिकार है।
विशिष्ट लोक अभियोजक (ATS) दिनेश कुमार शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 3 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने यासर को जमानत दी थी। लेकिन शर्त यह थी कि वह दोबारा किसी अपराध में शामिल नहीं होगा। मगर जमानत पर बाहर आते ही यासर फिर से देश विरोधी गतिविधियों के जाल बुनने लगा।
झारखंड एटीएस ने रंगे हाथों पकड़ा
जमानत पर बाहर चल रहे यासर की गतिविधियों पर झारखंड एटीएस की नजर थी। 30 अप्रैल 2025 को उसे झारखंड में फिर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल से संदिग्ध और देश विरोधी सामग्री बरामद हुई। यासर ने खुद स्वीकार किया कि जेल से बाहर आने के बाद वह दोबारा गैरकानूनी गतिविधियों में सक्रिय हो गया था।
2014 का वो खौफनाक 'राजस्थान मॉड्यूल'
यह पूरा मामला 2014 के उस दौर की याद दिलाता है जब राजस्थान एटीएस और दिल्ली पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में इंडियन मुजाहिदीन के खतरनाक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। पाकिस्तानी आतंकी जिया-उर-रहमान उर्फ वकास ने इस टीम को राजस्थान के प्रमुख शहरों में धमाकों के लिए तैयार किया था। उस वक्त जोधपुर के प्रतापनगर इलाके से 50 किलो विस्फोटक, डेटोनेटर और बम बनाने की डायरी मिली थी, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए थे।
यासर पर लगे 3 बड़े आरोप
आतंकी मीटिंग: 2013 में जोधपुर के मंडोर गार्डन में प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) की गुप्त बैठक करना।
ब्लास्ट की साजिश: राजस्थान के शहरों को धमाकों से दहलाने के षड्यंत्र का हिस्सा होना।
भर्ती अभियान: युवाओं को बरगलाकर आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन में शामिल करने के लिए उकसाना।
आजीवन कारावास की सजा काट रहा है आरोपी
याद रहे कि जयपुर की अदालत ने मार्च 2021 में ही इस आतंकी मॉड्यूल के 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसमें अमार यासर भी शामिल था। इन पर देशद्रोह, UAPA एक्टऔर विस्फोटक अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं लगी थीं। फिलहाल, जोधपुर में चल रहे एक अलग मामले में उसकी जमानत रद्द होने के बाद अब उसे रांची की सेंट्रल जेल से भारी सुरक्षा के बीच जोधपुर लाया जाएगा।
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