अब मर चुके लोग करेंगे जनगणना? प्रशासन ने लगाई ड्यूटी, रिटायर हो चुके कर्मचारियों के नाम भी लिस्ट में शामिल

Ashish Bhardwaj | Apr 03, 2026, 16:53 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जोधपुर नगर निगम ने जनगणना के लिए 2084 लोगों की ड्यूटी लगाई। इसमें मृत और रिटायर कर्मचारी भी शामिल हैं। अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

News In Short

  • जोधपुर नगर निगम ने जनगणना ड्यूटी के लिए 2084 लोगों की सूची जारी की।
  • सूची में मृत और रिटायर कर्मचारियों का भी आया है नाम।
  • जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के यूडीसी का नाम शामिल, जिनकी 2 साल पहले हो चुकी है मौत।
  • नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश, लेकिन कोई जवाब नहीं।
  • मृत कर्मचारियों के सम्बन्धियों ने कहा कि अफसरों पर होनी चाहिए कार्रवाई।

News In Detail

Jodhpur: क्या मरे हुए लोग जनगणना कर सकते हैं? इसका जवाब होगा- बिल्कुल नहीं। लेकिन जोधपुर नगर निगम के एक आदेश ने इस असंभव को भी संभव कर दिखाया है। प्रशासन ने जनगणना के लिए जिन 2084 लोगों की ड्यूटी लगाई है, उस सूची में उन व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। साथ ही वे लोग भी हैं, जो डेढ़ साल पहले रिटायर हो चुके हैं।



ऐसा आदेश जिसने सबको चौंका दिया

27 मार्च को कार्यालय प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी ने 2084 लोगों की एक सूची जारी कीं इसमें जनगणना के लिए ड्यूटी आवंटित की गई है। यह सूची सामान्य थी, लेकिन इसमें शामिल नामों ने सबको चौंका दिया। इस सूची में कई ऐसे लोग हैं जिनका पहले ही निधन हो चुका है, तो कई वे लोग भी हैं जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं और प्रशासन से दूर अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों का स्टेटस जाने बिना ही सूची जारी कर दी।



पति गुजरे लगभग 2 साल हो गए

सूची में शामिल एक नाम है अब्दुल वाहिद का। जोधपुर के लाला लाजपत राय कॉलोनी में रहने वाले अब्दुल वाहिद जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में यूडीसी थे। अब्दुल वाहिद की पत्नी नसीम बानो ने बताया कि आज से करीब दो साल पहले 10 मई 2024 को उनके पति का निधन हो चुका है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 15 मई 2024 को नगर निगम ने ही अब्दुल वाहिद का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था। मतलब जिस विभाग ने उनकी मौत का प्रमाण पत्र जारी किया, उसी विभाग ने अब उन्हें जनगणना की ड्यूटी दे दी है। नसीम बानो ने कहा कि लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए।



डेढ़ साल पहले रिटायर, फिर भी ड्यूटी

जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी के पेंशनर्स कमेटी के संयोजक अशोक व्यास उन लोगों में से एक हैं, जो अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यानी उन्हें रिटायर हुए डेढ़ साल से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन जनगणना ड्यूटी की सूची में उनका नाम देखकर वह हैरान रह गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस अधिकार से नगर निगम ने एक रिटायर्ड व्यक्ति को ड्यूटी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ वीरम राम और मुनाराम भी उसी दिन रिटायर हुए थे और तीनों के नाम सूची में शामिल हैं।



दीपक अवस्थी का भी हो चूका है निधन

सूची में दीपक अवस्थी का भी नाम था। वह जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में यूडीसी थे। लेकिन अब दीपक अवस्थी इस दुनिया में नहीं रहे। उनका निधन 13 फरवरी 2026 को हो गया था। यानि महज डेढ़ महीने पहले। उनके निधन का शोक संदेश भी अखबारों में छपा था। लेकिन नगर निगम की सूची में वह अभी भी ‘जिंदा और ड्यूटी के लिए तैयार’ दिख रहे हैं। उनके दोस्त और पूर्व सहकर्मी अशोक व्यास ने बताया कि यह प्रशासन की लापरवाही का यह सबसे बड़ा उदाहरण है।



न आयुक्त ने उठाया फोन, न दूसरे अधिकारी मिले

इस पूरे मामले पर जब नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। अगले दिन तो वे तबादले के कारण रिलीव ही हो गए। फिर जब दूसरे अधिकारी पुष्पा सिसोदिया से संपर्क किया गया, तो वह भी नगर निगम कार्यालय में नहीं मिलीं। वहां के कर्मचारियों का कहना था कि वह किसी काम में व्यस्त हैं। कई कॉल और मैसेज किए गए, लेकिन उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है।



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