बड़ी बहन के बाद इंसाफ के लिए तड़पती छोटी बहन ने भी की खुदकुशी; भारी आक्रोश
News In Short
- जोधपुर में दो सगी बहनों का आत्महत्या का मामला आया सामने।
- बड़ी बहन ने 20 मार्च को और छोटी बहन ने 15 मई को आत्महत्या की।
- FIR के अनुसार, एक परिचित ने बड़ी बहन से सामूहिक दुष्कर्म किया।
- आरोपियों ने छोटी बहन को भी डराया-धमकाया, जिसकी शिकायत 11 अप्रैल को की गई।
- एक महीने तक कोई ठोस एक्शन न लेने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश।
News In Detail
राजस्थान (Rajasthan) की सूर्य नगरी जोधपुर इस समय न्याय की गुहार लगाती दो बहनों की दर्दनाक मौत से दहल उठी है। कानून व्यवस्था और वीमेन सेफ्टी के बड़े-बड़े दावों के बीच, एक पीड़ित परिवार की दो बेटियों ने सिर्फ इसलिए अपनी जान गंवा दी क्योंकि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
वीडियो के दम पर ब्लैकमेल
मामले की शुरुआत लगभग चार साल पहले हुई थी। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, मृतका की बड़ी बहन को उसके ही एक परिचित व्यक्ति ने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने धोखे से उसके कुछ निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन वीडियो के बल पर आरोपी और उसके साथियों ने पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू किया।
उससे मोटी रकम वसूली गई और चार साल तक उसका सामूहिक बलात्कार और यौन शोषण किया जाता रहा। इस असहनीय मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते आखिरकार 20 मार्च 2026 को बड़ी बहन ने आत्महत्या कर ली।
शिकायत के बाद भी नहीं की कार्रवाई
बड़ी बहन की मौत के बाद भी आरोपियों का हौसला पस्त नहीं हुआ। उन्होंने इस बार मृतका की छोटी बहन को अपने निशाने पर ले लिया। उसे मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाने लगीं।
पीड़ित छोटी बहन ने हिम्मत दिखाते हुए 11 अप्रैल को स्थानीय थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने स्पष्ट तौर पर अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया था। जब एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, तो उसने प्रशासन को लिखित चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह भी अपनी जान दे देगी। आखिरकार, 15 मई को उसने भी मौत को गले लगा लिया।
कलेक्ट्रेट और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
शुक्रवार को जैसे ही छोटी बहन की आत्महत्या की खबर फैली, स्थानीय राजपूत समाज और मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमानगढ़ सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग माथुरदास माथुर अस्पताल (MDM) के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए।
मामले के तूल पकड़ते ही जोधपुर ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भोपाल लखावत और एएसपी रघुनाथ गर्ग भारी पुलिस जाब्ते और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और सात अन्य संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। लापरवाही के आरोप में चौकी प्रभारी को हटा दिया गया है और थानाधिकारी व डीएसपी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
जोधपुर की दो बहनों की आत्महत्या का मामला क्या है?
यह मामला ब्लैकमेलिंग और सामूहिक बलात्कार से जुड़ा है, जिसमें बड़ी बहन ने प्रताड़ना से तंग आकर मार्च में आत्महत्या की थी। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने और आरोपियों द्वारा दोबारा प्रताड़ित किए जाने के बाद छोटी बहन ने भी मई में आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या प्रशासनिक कदम उठाए हैं?
बढ़ते जन आक्रोश के बाद विभाग ने स्थानीय पुलिस चौकी के प्रभारी को हटा दिया है। थानाधिकारी (SHO) और पुलिस उपाधीक्षक (DySP) के खिलाफ लापरवाही की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वर्तमान में आरोपियों के खिलाफ क्या स्टेटस है?
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने मामले में नामजद दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि 7 अन्य संदिग्धों को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है।
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