गहलोत के रोड शो वाले बयान पर कालीचरण सराफ का पलटवार
समझें क्या है पूरा मामला
- गहलोत के रोड शो वाले बयान पर सराफ का करारा जवाब
- ढाई साल बनाम पांच साल, निकाय चुनाव का नया मुद्दा
- सराफ बोले, गहलोत ऐसी बयानबाजी से बचें
- रोड शो को नाकामी बताने पर भाजपा का पलटवार
- निकाय चुनाव में रोड शो बना सियासी जंग का मुद्दा
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से मुख्यमंत्री के रोड शो को सरकार की नाकामी बताए जाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने पलटवार किया है।
भाजपा मुख्यालय में सोमवार को सीएम भजनलाल की जयपुर में होने वाले वाले रोड शो की तैयारियों को लेकर हुई बैठक के दौरान द सूत्र से बातचीत में सराफ ने कहा कि कांग्रेस मुद्दाविहीन राजनीति कर रही। कांग्रेस के पास चुनाव में जनता के सामने रखने के लिए कोई मुद्दा नहीं।
कांग्रेस मुद्दाविहीन राजनीति कर रही
भाजपा विधायक सराफ ने कहा कि भजनलाल सरकार ने ढाई साल में प्रदेश में बहुत सारे विकास कार्य करवाए हैं। अब पार्टी उन्हीं कामों को विज्ञापनों और चुनाव प्रचार के जरिए जनता तक पहुंचा रही। इसमें कुछ भी गलत नहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा अपने प्रचार में ढाई साल बनाम कांग्रेस के पांच साल के कामकाज की तुलना जनता के सामने रख रही है। जनता को यह बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पांच साल के शासन और भाजपा सरकार के ढाई साल में प्रदेश में क्या-क्या काम हुए।
गहलोत वरिष्ठ नेता, ऐसी बयानबाजी से बचें- सराफ
अशोक गहलोत के बयान पर सराफ ने कहा कि वे राजस्थान के बहुत वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री के रोड शो करने में कुछ भी असामान्य नहीं है। पहले भी चुनावों में रोड शो होते रहे हैं।
सराफ ने कहा कि भाजपा ने राजस्थान में लगातार काम किया है। सरकार और पार्टी अगर अपने काम को लेकर जनता के बीच जा रही है और उसका प्रचार-प्रसार कर रही है तो इसे सरकार की नाकामी नहीं कहा जा सकता।
गहलोत ने रोड शो को बताया था सरकार की नाकामी
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 6 सितंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निकाय चुनावों में किए जा रहे रोड शो पर सवाल उठाए थे। गहलोत ने कहा था कि स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री का इस तरह रोड शो करना कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की 'सबसे बड़ी नाकामी' है। उनका दावा था कि सरकार के ढाई साल के कामकाज और शहरों की स्थिति को लेकर जनता में नाराजगी है।
गहलोत ने सरकार को सड़कों, सीवरेज, पट्टों और शहरी विकास के मुद्दे पर भी घेरा। इससे एक दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के रोड शो से पहले सरकार से छह सवाल पूछे थे। इनमें ढाई साल में दिए गए पट्टे, सड़कों और ट्रैफिक की स्थिति, नए फ्लाईओवर-अंडरपास, जलभराव और सफाई कर्मचारियों की भर्ती जैसे मुद्दे शामिल थे।
रोड शो बना निकाय चुनाव का नया सियासी मुद्दा
निकाय चुनाव के अंतिम चरण में भाजपा ने प्रचार तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग शहरों में रोड शो और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं।
एक तरफ कांग्रेस मुख्यमंत्री के रोड शो को सरकार के ढाई साल के कामकाज से जोड़कर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे सरकार के काम जनता तक पहुंचाने का जरिया बता रही है। अब कालीचरण सराफ के बयान के बाद 'रोड शो और ढाई साल बनाम पांच साल' की बहस निकाय चुनाव के सियासी मुद्दों में शामिल हो गई है।
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