त्रिशूल, सांप्रदायिक नारे और शराब पर बैन, राजस्थान में कांवड़ियों के लिए नियम
समझें क्या है पूरा मामला
- कांवड़ यात्रा को लेकर राजस्थान पुलिस अलर्ट
- हथियार, नशे और तेज डीजे पर रोक
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की नो एंट्री
- सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश
- विवाद की सूचना पर 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस
कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर राजस्थान पुलिस अलर्ट मोड में है। सभी जिलों के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। हथियार, नशीले पदार्थ और तेज डीजे पर पूरी तरह रोक रहेगी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की आवाजाही भी प्रतिबंधित रहेगी।
राजस्थान में हर साल बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गुजरते हैं। इस बार भी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। मकसद है कि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरी हो।
डीजीपी के निर्देश पर बनी रणनीति
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस महकमे को साफ निर्देश दिए हैं। इसके बाद एडीजी कानून एवं व्यवस्था वी.के. सिंह सक्रिय हुए। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों में तीन बड़े बिंदु शामिल हैं। पहला, यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखना। दूसरा, यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाए रखना। तीसरा, पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी
30 जुलाई से 11 अगस्त तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से लौटेंगे। ये सभी गंगाजल लेकर अपने गांव और शहर जाएंगे। इसी आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने खास एडवाइजरी जारी की है।
यात्रियों से वैध पहचान पत्र साथ रखने को कहा गया है। सिर्फ निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही इस्तेमाल करने की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी।
हथियार और नशे पर पूरी तरह रोक
पुलिस ने कुछ चीजों पर साफ प्रतिबंध लगाया है। यात्रा के दौरान हॉकी, डंडे और त्रिशूल ले जाना मना रहेगा। बेसबॉल बैट या किसी भी तरह का हथियार भी प्रतिबंधित है। नुकीली वस्तुएं साथ रखने पर भी रोक रहेगी।
शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन पर पूरी पाबंदी रहेगी। यह नियम पूरी यात्रा अवधि के दौरान लागू रहेगा। पुलिस इस पर सख्ती से नजर रखेगी।
एक्सप्रेस-वे पर आवाजाही बंद
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। इस एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों की पैदल आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वाहन से आने-जाने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।
इसके अलावा कुछ और गतिविधियों पर भी कार्रवाई होगी। मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ढोना प्रतिबंधित रहेगा। तय सीमा से तेज आवाज वाले डीजे बजाना भी मना है। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गाने बजाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
10 मिनट में मौके पर पुलिस
फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए भी सख्त निर्देश हैं। किसी भी वाहन टकराव या पार्किंग विवाद की सूचना मिलते ही उन्हें तुरंत निकलना होगा। पुलिस को 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचना अनिवार्य है।
इसका मकसद छोटे विवादों को बड़ा होने से पहले ही सुलझाना है। इससे यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहेगी।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर
पुलिस ने डिजिटल मोर्चे पर भी तैयारी की है। सोशल मीडिया की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी। इसका मकसद अफवाहों और भ्रामक वीडियो पर तुरंत रोक लगाना है।
अगर कोई भ्रामक जानकारी फैलती है तो जिला पुलिस तुरंत सक्रिय होगी। जरूरत पड़ने पर सही और तथ्यात्मक जानकारी तुरंत जारी की जाएगी। इससे लोगों में गलतफहमी नहीं फैलेगी।
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