एंटीबायोटिक 'Killmed 625 LB' जांच में फेल, पूरे प्रदेश में जारी किया अलर्ट
News In Short
- राजस्थान में एंटीबायोटिक दवा 'Killmed 625 LB' मानकों पर नहीं उतरी खरी।
- जांच के दौरान Killmed 625 LB में क्लैवुलेनिक एसिड की शून्य मात्रा पाई गई।
- क्लैवुलेनिक एसिड एंटीबायोटिक के असर को बैक्टीरिया के खिलाफ मजबूत बनाता है।
- औषधि नियंत्रण आयुक्तालय दवा निर्माता कंपनी के अन्य उत्पादों की भी जांच की जाएगी।
- औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत होगी कार्यवाही।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने एंटीबायोटिक दवा 'Killmed 625 LB' को लेकर अलर्ट जारी किया है। सरकारी लैब की जांच में इस दवा का एक बैच मानकों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरा है। इसके बाद विभाग ने इस दवा के उपयोग और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से सतर्कता बरतने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर ने हाल ही में दवाओं के नमूनों की गहन जांच की थी। इसकी रिपोर्ट 13 अप्रैल 2026 को आई। टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर 'Killmed 625 LB' नामक दवा के एक बैच को अमानक घोषित कर दिया। औषधि नियंत्रक ने 15 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर प्रदेशभर के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस दवा का तकनीकी नाम Amoxycillin, Potassium Clavulanate & Lactic Acid Bacillus Tablets है। इसका निर्माण हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित VADSP फार्मास्यूटिकल्स द्वारा किया गया है। जयपुर के न्यू सांगानेर रोड स्थित मेसर्स IQMED हेल्थकेयर द्वारा इसकी मार्केटिंग की जा रही है। विभाग की जांच में इस दवा के बैच नंबर VT252296 को अमानक घोषित किया गया है।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
लैब की रिपोर्ट में इस दवा को लेकर बेहद चिंताजनक बात सामने आई है। दवा के पैकेट पर जो दावा किया गया था, टैबलेट उसके अनुसार नहीं पाई गई। जांच में पाया गया कि इस दवा में 'Clavulanic Acid' की मात्रा शून्य है। क्लैवुलेनिक एसिड (Clavulanic Acid) एंटीबायोटिक के असर को बैक्टीरिया के खिलाफ मजबूत बनाता है। इसके बिना संक्रमण ठीक होना मुश्किल होता है और यह मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
सरकार के सख्त निर्देश
औषधि नियंत्रक ने राज्य के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में इस विशिष्ट बैच की दवा पर पूर्ण निगरानी और सतर्कता बरतें। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत इस दवा के विरुद्ध शीघ्र आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करें।संबंधित निर्माता कंपनी (VADSP Pharmaceuticals) की अन्य दवाओं के नमूने भी नियमानुसार जांच के लिए उठाएं।
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