किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा बयान, कांग्रेस सबूत दे तो इस्तीफा दूं
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर में मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रीट, RAS और SI भर्ती पेपर लीक मामलों पर बड़ा बयान दिया।
- उन्होंने कहा कि कई बड़े आरोपी अभी तक गिरफ्तारी से बाहर हैं और कार्रवाई धीमी है।
- नकली बीज मामले में उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इस्तीफे की चुनौती दी।
- कांग्रेस नेताओं को प्रमाण देने की खुली चुनौती देते हुए तीखा हमला किया।
- सरिस्का और भर्तृहरि अतिक्रमण मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई।
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने नकली बीज मामले में बड़ा बयान दिया है। मंत्री ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि इस मामले में उनका सुई की नोक के बराबर भी लेना-देना पाया गया तो वे तत्काल मंत्री पद छोड़ देंगे। साथ ही कांग्रेस नेताओं को प्रमाण देने की खुली चुनौती दी।
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार 14 जून को अलवर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि रीट, RAS और SI (Sub Inspector) भर्ती पेपर लीक मामलों के बड़े आरोपी अभी भी बाहर हैं। संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा फैसला लेंगे।
पेपर लीक के बड़े मगरमच्छ अभी बाहर
डॉ. मीणा ने कहा कि रीट और RAS पेपर लीक मामलों के कई बड़े आरोपी अभी गिरफ्तारी से बाहर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं है। डॉ. मीणा ने कहा कि उनका संघर्ष माफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है। यह बात उन्होंने दो बार दोहराई।
नकली बीज मामले पर सीधी चुनौती
नकली बीज प्रकरण में विपक्ष के आरोपों पर डॉ. मीणा ने कहा कि यदि उनका इस मामले में सुई की नोक के बराबर भी लेना-देना साबित हो तो वे तत्काल मंत्री पद छोड़ेंगे और खुद को कानून के हवाले करेंगे।
उन्होंने माना कि गिरफ्तार जुगल किशोर उन्हें नकली खाद-बीज की सूचनाएं देता था। लेकिन कहा कि मामले में लेने और देने वाले दोनों पक्षों पर कार्रवाई हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि ACB (Anti Corruption Bureau) रिपोर्ट में "डॉक्टर" और "मंत्री" शब्दों का उल्लेख है, लेकिन उनका उनसे कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस को दी खुली चुनौती
डॉ. मीणा ने कांग्रेस के नेता गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के किसी भी नेता को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके खिलाफ प्रमाण प्रस्तुत कर दे तो वे तत्काल इस्तीफा दे देंगे।
डॉ. मीणा ने कहा कि उनके कहने पर बीज निगम के निदेशक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। एक विधायक के पीए और पार्टी के एक पदाधिकारी से जुड़े व्यक्ति पर भी कार्रवाई हुई।
नकली बीज पर आएगा सख्त कानून
डॉ. मीणा ने बताया कि जब्त बीजों का लैब टेस्ट और GOT (Germination on Top) टेस्ट कराया जा रहा है। सैंपल फेल होने पर FIR दर्ज कर बीज नष्ट किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।
केंद्र सरकार भी सख्त कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। इसमें दोषियों के लिए 10 से 20 लाख रुपए तक जुर्माना और 7 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान हो सकता है।
सरिस्का और भर्तृहरि पर भी बोले
सरिस्का क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पर डॉ. मीणा ने कहा कि सभी मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से जुड़े अतिक्रमणों पर कार्रवाई न होने का मुद्दा भी उठाया। भर्तृहरि धाम अलवर में होटल संचालकों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों पर भी कार्रवाई की बात कही।
FAQ
- किरोड़ी लाल मीणा ने क्या बड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि रीट, RAS और SI भर्ती पेपर लीक के बड़े आरोपियों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा फैसला लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सरकार के नहीं बल्कि माफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है। क्या कदम उठाएंगे यह उन्होंने स्पष्ट नहीं किया। - नकली बीज मामले में किरोड़ी का क्या रुख है?
उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी सुई की नोक बराबर भूमिका साबित हो तो तत्काल मंत्री पद छोड़ेंगे। उन्होंने माना कि जुगल किशोर उन्हें नकली बीज की सूचनाएं देता था। ACB रिपोर्ट में "डॉक्टर" और "मंत्री" शब्दों का उनसे कोई संबंध नहीं बताया। - नकली बीज पर क्या सख्त कानून आएगा
केंद्र सरकार नकली खाद-बीज के खिलाफ सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है। इसमें 10 से 20 लाख रुपए जुर्माना और 7 से 10 साल की सजा का प्रावधान हो सकता है। जब्त बीजों का लैब टेस्ट जारी है, फेल होने पर FIR और बीज नष्ट होंगे।
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