पेपर लीक पर किरोड़ी का धमाका, ढाका-स्पर्धा के सिंडिकेट पर साधा निशाना
समझें क्या है पूरा मामला
- सुरेश ढाका के पिता को मिली 20 करोड़ की बजरी लीज की एसआईटी जांच की मांग।
- स्पर्धा चौधरी और सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल।
- मंत्री का दावा- 2022 में एसओजी की मिलीभगत से ही फरार हुआ था मुख्य आरोपी।
- टीसीएस कंपनी के अधिकारियों के साथ ढाका के कथित गठजोड़ की जांच की भी उठी मांग।
राजस्थान में पेपर लीक के मामलों के खिलाफ मुखर होकर बोलने वाले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक के मुद्दे पर फिर मोर्चा खोल दिया है।
मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढांका के पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
स्पर्धा चौधरी व सलमान खुर्शीद का भी जिक्र
कृषि मंत्री ने पत्र में फुलेरा विधानसभा से आरएलपी और कांग्रेस नेता रही स्पर्धा चौधरी तथा कांग्रेस नेता और सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद का भी जिक्र किया है।
उनका कहना है कि स्पर्धा चौधरी ही 15 जुलाई, 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट में सुरेश ढाका की पैरवी के लिए सीनियर एडवोकेट और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद को लाई थी।
सुरेश ढाका के पिता को आवंटित खान की जांच हो
डॉ.किरोड़ी ने पत्र में कहा है कि उन्होंने पहले भी जांच एजेंसियों को इस मामले में कई फैक्ट्स व सबूत दिए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि फरार चल रहे सुरेश ढाका के पिता को करीब 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन लीज आवंटित हुई है।
किरोड़ी लाल मीणा ने मांग की है कि सुरेश ढाका,उसके परिवार, सहयोगियों के आर्थिक नेटवर्क की जांच एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।
इसके साथ ही सुरेश ढाका के पिता को मिली खनन लीज की प्रक्रिया और पैसे के स्रोत, स्पर्धा चौधरी की भूमिका, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच करवाने की मांग की है।
मिलीभगत से फरार हुआ ढाका
मंत्री का कहना है कि 2022 में उदयपुर में छापेमारी के दौरान उन्होंने तत्कालीन सरकार को सुरेश ढाका के जयपुर में होने की सूचना दी थी। लेकिन कथित रूप से एसओजी की मिलीभगत से वह 28 दिसंबर, 2022 को फरार हो गया।
डॉ. किरोड़ी ने कहा कि 2013 से अब तक कई भर्ती परीक्षाओं में ढाका की भूमिका रही है। 9 जनवरी, 2023 को दिए गए साक्ष्यों के आधार पर ढाका की कोचिंग पर कार्रवाई हुई और बाद में ईडी ने उसकी संपत्तियां भी कुर्क की थी।
TCS कंपनी के अधिकारियों पर भी लगाए आरोप
उन्होंने कहा है कि 6 अप्रैल,2023 को एसओजी को बताया था कि स्पर्धा चौधरी ढाका की फरारी में मदद कर रही है और उसकी आर्थिक गतिविधियां संभाल रही है। इसके बावजूद भी तब प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी।
ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में ढाका का नेटवर्क सक्रिय था और टीसीएस कंपनी से जुड़े कुछ अधिकारियों के साथ कथित गठजोड़ कर अनियमितताएं की थी।
कौन है स्पर्धा चौधरी?
स्पर्धा चौधरी 2018 में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के टिकट पर फुलेरा विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के कारण स्पर्धा चौधरी ने कांग्रेस और सचिन पायलट के ऊपर मिलीभगत और टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाया था।
वह प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष थीं। पार्टी ने अनुशासनहीनता के कारण उन्हें कांग्रेस से निष्कासित किया था।
2023 में आरएलपी भी छोड़ी
इसके बाद वह आरएलपी में शामिल हो गई थीं और महिला मोर्चा अध्यक्ष बनी थीं हालांकि 2023 में वह पेपर लीक के आरोपों से घिरी थीं। इसके बाद विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।
स्पर्धा चौधरी और ढाका के पिता से गहन पूछताछ की मांग करते हुए मंत्री डॉ.किरोडीलाल मीणा ने कहा है कि पूछताछ होने पर सुरेश ढाका की गिरफ्तारी संभव है और इससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
ये भी पढ़े:-
किरोड़ीलाल पड़े भाजपा में अलग-थलग, जानिए सियासत की पूरी कहानी?
भाजपा के ताबूत में आखिरी कील ठोकेंगे किरोड़ीलाल, कांग्रेस विधायक ने किया दावा
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने की बीज फैक्ट्री पर छापेमारी, नकली बीज का भंडार मिला