ACB दफ्तर जाना मेरी भूल, जांच पर पूरा भरोसा, मंत्री किरोड़ी के बदले सुर
ऐसे समझें पूरा मामला
- कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने माना कि ACB दफ्तर जाना उनकी भूल थी।
- किरोड़ी ने कहा कि उन्हें जाने से पहले पार्टी अध्यक्ष को बताना चाहिए था।
- मंत्री ने ACB की कार्रवाई को सही बताया, उन्होंने जांच पर भी भरोसा जताया।
- रिश्वत मामले की ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक होने से नाराज चल रहे थे मंत्री किरोड़ी।
- कैबिनेट सहयोगियों का साथ नहीं मिलने पर किरोड़ी बोले, सत्य मेरे साथ।
राजस्थान में नकली बीज घूसखोरी मामले में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के सुर अब बदल गए हैं।
शुक्रवार 19 जून को एसीबी दफ्तर जाकर हाई वोल्टेज ड्रामा करने के बाद किरोड़ीलाल से 'द सूत्र' ने बातचीत की। यह बातचीत उनके दुर्गापुरा कृषि रिसर्च सेंटर स्थित आवास पर हुई।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनसे गलती हुई, उन्हें वहां जाना तो नहीं चाहिए था। लेकिन चला गया। उनका कहना है कि उन्हें पहले अपने पार्टी अध्यक्ष को पूरी बात बतानी चाहिए थी।
सही जांच कर रही है एसीबी
दरअसल, एसीबी ने बीज कंपनियों से वसूली करने वालों की टेलीफोन पर हुई बातों की रिकार्डिंग की थी। टेलीफोन वार्तालाप में पैसे लेने वालों में किसी डॉक्टर और मंत्री का नाम भी आया।
एसीबी ने इस फोन वार्तालाप की जो ट्रांस स्क्रिप्ट बनाई, वह ज्यों की त्यों अखबारों में प्रकाशित हो गई। मंत्री मीणा का कहना था कि इससे ऐसा लग रहा है कि उनके कहने पर वसूली हो रही थी। इस तथ्य का क्लियरेंस नहीं होने से उनकी छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा था।
इसी नाराजगी के चलते शक्रवार को एसीबी दफ्तर पहुंच गए थे। मंत्री किरोड़ी का कहना था कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है। या तो एसीबी उन्हें क्लीन चिट दे अन्यथा गिरफ्तार करे। उन्होंने डीजीपी को सीमा में रहने की चेतावनी दे डाली थी।
अब किरोड़ी का कहना है कि एसीबी सही काम कर रही है। जांच में पता चल गया है कि डॉक्टर लैब से संबंधित है और मंत्री का भी पता चल जाएगा।
किरोड़ी बोले-सत्य मेरे साथ
राज्य बीज निगम में घूसखोरी का खुलासा होने के बाद किरोड़ीलाल मीणा के पक्ष में उनके मंत्री सहयोगियों में से मात्र मदन दिलावर ने ही उनके पक्ष में बयान दिया था।
दिलावर ने कहा था कि यदि डॉ. किरोड़ी बेईमानी कर सकते हैं तो मदन दिलावर भी ईमानदार नहीं है। लेकिन, बाकी किसी मंत्री, विधायक या पार्टी पदाधिकारी ने उनके पक्ष में एक शब्द भी नहीं बोला है। दिलावर भी एक बार बोलने के बाद से चुप हैं।
हालांकि, प्रतिद्ध्ंदी माने जाने वाले हनुमान बेनीवाल और निर्दलीय रविंद्रसिंह भाटी ने मंत्री किरोड़ी का साथ दिया। किसी साथी मंत्री और पार्टी की ओर से बयान नहीं आने के सवाल पर किरोड़ी ने कहा कि उन्हें इस बात का कोई दुख नहीं है। सत्य मेरे साथ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सब उनके साथ हैं।
मंत्री पद या विभाग को लेकर भी नाराजगी नहीं
सरकार बनने के बाद से ही उनकी नाराजगी भरे व्यवहार को लेकर किरोड़ी ने कहा कि उनकी कभी भी मंत्री या विभाग को लेकर कोई नाराजगी नहीं रही।
यहां तक कि उनकी किसी भी मुद्दे पर मुख्यमंत्री या पार्टी से नाराजगी नहीं रही है। सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री के तौर पर दो-दो विभाग मिले हुए हैं।
मुझे तो जानकारी ही नहीं थी
बीज व खाद कंपनियों पर छापे के दौरान उनके साथ रहने वाले बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के वसूली करने के सवाल पर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि उन्हें जुगल किशोर विश्नाई व उसके साथ वालों की कारगुजारी की कोई जानकारी नहीं थी। यदि होती तो मैं खुद ही उसे एसीबी के हवाले कर देता। यह पूछने पर कि आगे वह क्या करेंगे डॉ.मीणा ने कहा कि वह पार्टी निर्देश पर काम करते रहेंगे।
यह हुआ मामला
एसीबी ने राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके भांजे स्वतंत्र ज्याणी से 2.44 करोड़ की रिश्वत राशि बरामद की थी। ये राशि बीज कंपनियों से ली गई थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह रिश्वतखोर बीकानेर, सीकर, जोधपुर, भीलवाड़ा और श्रीगंगानगर में भी छापेमारी के दौरान कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल के साथ थे।
एसीबी अब नकली बीज घूसखोरी मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वे सभी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
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