कुत्तों का आतंक : नायब तहसीलदार समेत 30 लोगों पर किया हमला, फिर देखिए क्या हुआ

Purshottam Kumar Joshi | Jan 25, 2026, 21:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के कोटा में दो कुत्तों ने कलेक्ट्री परिसर में तैनात नायब तहसीलदार समेत 30 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। इस हमले में एक मासूम बच्ची भी गम्भीर घायल हुई है। एक बार फिर से जिला प्रशासन और नगर निगम की कार्यशाली को लेकर लोगों ने सवाल उठाए है।

News In Short

  • कोटा के नयापुरा इलाके में दो कुत्तों ने 30 से अधिक लोगों पर हमला किया।
  • कलेक्ट्री परिसर में नायब तहसीलदार भी कुत्तों का शिकार हुए।
  • मासूम बच्ची और बुजुर्गों को भी कुत्तों ने घायल किया।
  • एमबीएस अस्पताल में 30 से अधिक डॉग बाइट मामलों का इलाज किया गया।
  • नगर निगम की रेस्क्यू टीम ने कुत्तों की तलाश शुरू की।

News In Detail

राजस्थान के कोटा शहर में रविवार का दिन कई लोगों के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ। नयापुरा इलाके में दो कुत्तों ने एक के बाद एक करीब 30 लोगों पर हमला किया। इसमें नायब तहसीलदार और मासूम बच्ची भी शामिल हैं। इस हमले ने कलेक्ट्री परिसर तक को प्रभावित किया और लोगों में दहशत का माहौल बना दिया। प्रशासन की ओर से इस घटना पर गंभीर कदम उठाए गए हैं, लेकिन इसने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को और उजागर किया है।



नयापुरा इलाके में दो कुत्तों का आतंक

रविवार की सुबह कोटा शहर के नयापुरा इलाके में दो खूंखार कुत्तों ने करीब 30 से ज्यादा राहगीरों पर हमला किया। यह हमला इतना जबरदस्त था कि इन कुत्तों ने किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा, चाहे वह बच्चा हो, बुजुर्ग या सरकारी कर्मचारी। कुत्तों ने घायलों को गंभीर चोटें दी, जिससे शहर के एमबीएस अस्पताल में लंबी कतारें लग गईं।



नायब तहसीलदार को भी बनाया शिकार

चौंकाने वाली बात यह थी कि कुत्तों ने कलेक्ट्री परिसर में भी घुसकर हमला किया, जिसे आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। वहां ड्यूटी पर तैनात नायब तहसीलदार अनुराग शर्मा को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। घटना के दौरान जब वह अपने कर्मचारियों के साथ खड़े थे, एक कुत्ते ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को काट लिया। इसके कारण तहसीलदार भी डॉग बाइट का शिकार हो गए।



आवारा कुत्तों का आतंक

इस हिंसक हमले में एक 5 साल की बच्ची आयुषी भी शामिल थी, जो अपने घर के बाहर खेल रही थी। कुत्तों ने बच्ची को भी नहीं बख्शा और उसके पैरों में गहरे घाव कर दिए। इसके अलावा मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग सीताराम के पैरों में भी कुत्तों ने गंभीर घाव कर दिए। इन सभी घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया और एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए गए।



अस्पताल प्रशासन का बयान और उपचार

एमबीएस अस्पताल कोटा के इंजेक्शन रूम इंचार्ज पूनम आडवाणी ने बताया कि सुबह से लेकर अब तक 30 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले अस्पताल में आए हैं। कई लोगों के घाव काफी गहरे थे, जिन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए गए। घायलों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में इमरजेंसी विभाग में भीड़ बढ़ गई थी, और लोग बारी-बारी से इलाज के लिए आते गए।



रेस्क्यू टीम ने कुत्तों की तलाश शुरू की

इस घटना के बाद नगर निगम की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस की सहायता से टीम ने कुत्तों की पहचान और उनकी तलाश शुरू कर दी है। कलेक्ट्री चौकी और नयापुरा थाना पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गई है। टीम का लक्ष्य उन दो संदिग्ध कुत्तों को पकड़ना है, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में लोगों पर हमला किया था।



नगर निगम और प्रशासन पर उठे सवाल

कुत्तों का हमला करने की इसघटना मामले में इस बात का संकेत है कि कोटा नगर निगम का आवारा पशु नियंत्रण अभियान नाकाम रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कुत्तों की नसबंदी और उनके प्रबंधन पर ध्यान दिया जाता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। यह घटना नगर निगम और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि अब तक की नाकामयाबी के बाद जल्दी से जल्दी इस समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए।



आगे क्या?

अब कोटा प्रशासन और नगर निगम के लिए चुनौती यह है कि वे किस तरह से इस समस्या का समाधान निकालते हैं। क्या कुत्तों की नसबंदी पर काम किया जाएगा या फिर उनके नियंत्रण के लिए अन्य उपाय अपनाए जाएंगे? यह सवाल अभी भी कोटा के लोगों के दिमाग में है, और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं।



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