कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला, सरकार का दावा-एनटीसीए की सिफारिश के अनुरूप बढ़ेगा एरिया

Ashish Bhardwaj | Mar 10, 2026, 18:13 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में कुंभलगढ़ अभयारण्य को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने की कवायद जारी हैं। सरकार का दावा है कि एनटीसीए ने इस परियोजना को लेकर जो सवाल उठाए हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है।

News In Short

  • राजस्थान में कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व बनाने की प्रक्रिया बढ़ रही है आगे
  • अगस्त 2023 में इस परियोजना को मिल गई थी सैद्धांतिक मंजूरी
  • राजस्थान सरकार ने टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर भेजा
  • NTCA ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल बढ़ाने की सिफारिश की
  • टाइगर रिजर्व बनने से पूर्व ही दिया जा रहा है पर्यटन को बढ़ावा

News In Detail

राजस्थान में कुंभलगढ़ अभयारण्य को जल्द ही टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलेगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने अगस्त 2023 में कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि एनटीसीए ने कुंभलगढ़ को लेकर जो सवाल उठाए हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है।



अगस्त 2023 में मिल चुकी है सैद्धांतिक स्वीकृति

कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के गठन को लेकर 4 अगस्त 2023 को NTCA की तकनीकी समिति की बैठक हुई थी। इसके बाद 24 अगस्त 2023 को इस परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई थी। सैद्धांतिक स्वीकृति के पश्चात क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और बफर क्षेत्र के निर्धारण के लिए 24 जुलाई 2024 को 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी, जिसने 24 अक्टूबर 2024 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी ।



कोर क्षेत्र का प्रस्ताव भेजा

इस रिपोर्ट पर 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में चर्चा की गई। 11 अक्टूबर 2025 को विशेषज्ञ समिति की मंजूरी के बाद टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र सरकार और NTCA की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब 24 फरवरी 2026 को फिर से भेज दिए गए हैं।



NTCA ने क्षेत्रफल बढ़ाने की सिफारिश की

NTCA ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके लिए राजसमंद, पाली और ब्यावर जिलों में जमीन चिन्हित कर ली गई है। इन्हें वन विभाग के नाम स्थानांतरित करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया है।



टाइगर रिजर्व बनने से पूर्व पर्यटन पर ध्यान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुंभलगढ़ और टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में दो नए सफारी मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें कालीघाट से भीलभेरी और फुलास से गोरम घाट तक सफारी मार्ग शामिल हैं।



वर्तमान में कुंभलगढ़ अभयारण्य में बीड़ की भागल से आरेट का फाटक तथा रणकपुर से मुछाला महावीर-घाणेराव तक दो सफारी रूट संचालित हैं। वहीं टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में प्लेनी से मोडिया रावली और गोमथड़ा से गोरम घाट तक दो सफारी मार्ग पहले से मौजूद हैं।



बाघों के संरक्षण के लिए कर रहे विकसित

कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व राजस्थान में प्रस्तावित नया टाइगर रिजर्व है, जिसे बाघों के संरक्षण और अरावली क्षेत्र की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। फिलहाल, कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है। राजस्थान के अन्य टाइगर रिज़र्व रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व हैं।



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