एक ही जमीन की कई बार करा दी रजिस्ट्री, अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज

Jageshwar prasad | Jul 27, 2026, 19:19 IST
एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री कर 6 से अधिक लोगों ने ऐंठे लाखों, अलवर में FIR दर्ज
राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले में एक ही जमीन का बार-बार सौदा कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस जमीन पर सड़क का मुआवजा भी उठा लिया। अब पुलिस ने अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज की है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • खैरथल-तिजारा जिले में एक ही जमीन का बार-बार सौदा कर दिया।
  • जमीन पर बनी सरकारी सड़क का मुआवजा भी खुद डकार गए।
  • अदालत के आदेश पर पर तिजारा पुलिस ने दर्ज किया मामला।
  • एफआईआर में 6 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है।

Alwar: राजस्थान में तिजारा थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक ही कृषि भूमि को धोखाधड़ी कर लोगों को बार-बार बेच कर लाखों करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।



इतना ही नहीं, जमीन पर बनी सरकारी सड़क का मुआवजा भी खुद डकार गए। इस संबंध में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तिजारा के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इसमें 6 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है।



​क्या है पूरा मामला?​

मामले की शुरुआत तिजारा के रूपबास निवासी 42 वर्षीया रहीसन पत्नी सब्बू के परिवाद से हुई। रहीसन ने 2017 में मुरादबास में खसरा नंबर 11 (रकबा 0.32 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 17 (रकबा 0.23 हेक्टेयर) की भूमि खरीदी थी।



रहीसन का कहना है कि उसने जमीन का पूरा भुगतान कर दिया था। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में उसके नाम नामांतरण दर्ज हो गया। उसने भूमि पर कब्जा लेकर खेती करना शुरू कर दिया।



​फर्जीवाड़े का ऐसे हुआ पर्दाफाश

​धोखाधड़ी की भनक रहीसन को 15 फरवरी 2018 को लगी। वह अपनी खरीदी हुई जमीन पर कमरे का निर्माण कराने पहुंची। वहां अरण्डका निवासी मुनफेद पुत्र हनीफ आ धमका और काम रुकवा दिया।



मुनफेद ने दावा किया कि इस जमीन का एक हिस्सा वह काफी पहले ही खरीद चुका है। ​संदेह होने पर रहीसन ने तहसील कार्यालय पहुंचकर रजिस्ट्री दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कराई।



दस्तावेजों के अनुसार जिस जमीन को रहीसन को बेचा गया था, उसी जमीन की रजिस्ट्री आरोपी पक्ष वर्ष 2013 और 2014 में कई अन्य लोगों के नाम भी कर चुका था। इनमें कमालुद्दीन, मुनफेद, फरमीना तथा खुर्शीद समेत अन्य खरीदार शामिल थे।



​सरकारी सड़क का मुआवजा भी हड़पा​

परिवाद में आरोपियों पर सरकार को भी चूना लगाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उक्त खसरा नंबर की जमीन से होकर पीडब्ल्यूडी द्वारा सरकारी सड़क बनाई गई थी।



आरोपियों ने यह जानते हुए भी कि वे जमीन पहले ही दूसरों को बेच चुके हैं, पीडब्ल्यूडी से सड़क निर्माण का मुआवजा खुद प्राप्त कर लिया। उन्होंने सरकारी विभाग को गुमराह किया।



​रहीसन के अनुसार जब उसने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने साफ कह दिया कि पैसे सभी से ले लिए हैं, अब न रुपए लौटाएंगे और न ही कोई रजिस्ट्री निरस्त कराएंगे।



इसके बाद पीड़िता ने स्थानीय तिजारा थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी। कोई कार्रवाई न होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।




अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज

​अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तिजारा ने परिवाद की सुनवाई की। इसके बाद उन्होंने मामले को दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत पुलिस जांच के आदेश दिए।



अदालत के कड़े रुख के बाद तिजारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज जांच शुरू की है। ​जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें छह लोगा शामिल हैं।



उधर, तिजारा के तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि यह गंभीर प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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