1 साल तक सहजाद बनकर जयपुर रहा पाकिस्तानी आतंकी, फर्जी पासपोर्ट पर विदेश फरार, लश्कर मॉड्यूल का खुलासा
News In Short
- जयपुर में एक साल तक रहा लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हासिम ।
- 'सहजाद' बनकर जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की रिपेयरिंग करता रहा।
- पहले फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए फिर फर्जी पासपोर्ट, उसके बाद फरार।
- उमर हासिम अबुहुरैरा और हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है।
- राजस्थान ATS ने उसके नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है ।
News In Detail
Jaipur: सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ऐसे खतरनाक आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार राजस्थान की राजधानी जयपुर से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। खुफिया जांच में सामने आया है कि वांछित पाकिस्तानी आतंकी उमर हासिम उर्फ 'खरगोश' ने जयपुर को अपना सेफ हाउस बना लिया था।
वह यहां एक साल तक अपनी पहचान छिपाकर रहा और फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाकर विदेश फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उमर हासिम पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आकाओं अबुहुरैरा और मुंबई अटैक मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है।
'सहजाद' बनकर चारदीवारी में करता रहा नौकरी
श्रीनगर पुलिस की जांच के अनुसार उमर हासिम साल 2023 में जयपुर पहुंचा और 2024 तक यहां के व्यस्त चारदीवारी इलाके में रहा। इस दौरान उसने अपनी असली पहचान पूरी तरह छिपा ली और 'सहजाद' नाम का इस्तेमाल किया। वह जयपुर में एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में एसी और अन्य उपकरणों की रिपेयरिंग का काम करता था। दुकान में काम करने की आड़ में वह जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों, व्यस्त पर्यटक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों की रेकी भी करता रहा।
शादी के बहाने बना भारतीय नागरिक
खुफिया सूत्रों के अनुसार, उमर हासिम ने श्रीनगर की एक युवती से निकाह किया था। इसी शादी को आधार बनाकर उसने जयपुर में स्थानीय पते पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और धोखे से भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया। इसी फर्जी पासपोर्ट के दम पर वह पहले इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देश भागने में सफल रहा।
जयपुर से 4 संदिग्ध हिरासत में
इस आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद राजस्थान एटीएस और श्रीनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से जयपुर में छापेमारी की। इस कार्रवाई में आतंकी उमर हासिम के मॉड्यूल से जुड़े चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पहला जिसने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के उसे नौकरी पर रखा। दूसरा जिसने बिना वेरिफिकेशन के उसे कमरा किराए पर दिया। तीसरा जिसने फर्जी आईडी और पासपोर्ट बनवाने में मदद की। चौथा जो 'खरगोश' के साथ नेपाल की यात्रा पर भी गया था।
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में फैला नेटवर्क
उमर हासिम का बैकग्राउंड बेहद खतरनाक है। वह साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर आया था। उसने हरियाणा के नूंह (मेवात), पंजाब और राजस्थान में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के नेटवर्क को सक्रिय किया।
खुफिया एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है कि एक वांछित आतंकी राजधानी जयपुर के बीचों-बीच रहकर, न केवल रेकी करता रहा, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर देश से बाहर निकलने में भी कामयाब रहा। फिलहाल राजस्थान एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
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