LEEL इलेक्ट्रिकल्स प्रमोटर भरतराज पर ED का शिकंजा, 112.90 करोड़ की संपत्ति अटैच
समझें क्या है पूरा मामला
- ED ने LEEL इलेक्ट्रिकल्स की 112.90 करोड़ की संपत्ति अटैच की।
- फर्जी वित्तीय विवरण पेश कर लिया लोन, बैंकों को 376 करोड़ का नुकसान।
- शैल कंपनियों के जरिए प्रमोटर ने अपने नाम करवाई संपत्तियां।
- 8 राज्यों और ह्यूस्टन में फैली संपत्तियां, ED ने उन्हें भी किया अटैच।
- CBI की FIR के आधार पर ED ने शुरू की है जांच।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जयपुर जोनल यूनिट ने LEEL इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड और उसके मुख्य प्रमोटर भरतराज पुंज के खिलाफ धनशोधन निवारण कानून (PMLA – Prevention of Money Laundering Act) के तहत बड़ी कार्रवाई की है।
112.90 करोड़ रुपए की 22 चल और अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं। इनमें भारत के 8 राज्यों में जमीन-मकान और अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित एक आवासीय संपत्ति शामिल है। SBI और IDBI बैंक को 376 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई PMLA जांच
ED ने यह कार्रवाई CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) दिल्ली की एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की। CBI ने IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत LEEL इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, प्रमोटर भरतराज पुंज और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
CBI की चार्जशीट से पता चला कि कंपनी के प्रमोटरों और प्रमुख प्रबंधन कर्मचारियों ने बैंकों के एक सिंडिकेट को धोखा देने के लिए झूठे और मनगढंत वित्तीय विवरण पेश किए।
SBI और IDBI को 376 करोड़ का नुकसान
ED की जांच में सामने आया कि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर कर बैंक फंड को साइफन करने की साजिश रची गई।
कंपनी की लेखा पुस्तिकाओं में संपत्तियों, इन्वेंट्री और प्राप्तियों के मूल्य गलत तरीके से बढ़ाकर दिखाए गए। इससे बैंकों से ऋण सुविधाएं हासिल की गईं। इस धोखाधड़ी से SBI और IDBI बैंक को 376 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
शेल कंपनियों से छिपाई अरबों की संपत्ति
ED की जांच में यह भी सामने आया कि बैंकों से हड़पी गई रकम को पहले भारत के भीतर प्रमोटर नियंत्रित शेल कंपनियों (फर्जी कागजी कंपनियां) और संबद्ध कंपनियों के नेटवर्क के जरिए घुमाया गया।
फिर इसे निवेश और लोन के रूप में सहायक विदेशी कंपनियों को ट्रांसफर किया गया। इसके बाद यह आय अचल संपत्तियों के रूप में कंपनियों और प्रमोटर परिवार के नाम की गई।
8 राज्यों में जमीन, ह्यूस्टन में घर भी जब्त
अटैच की गई संपत्तियों में दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में जमीन, इंडस्ट्रियल प्लॉट और आवासीय भूखंड शामिल हैं। इसके साथ बैंक खाते, FD और म्युचुअल फंड निवेश भी अटैच हुए हैं।
अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन में भरतराज पुंज और उनकी पत्नी पूजा पुंज के संयुक्त स्वामित्व वाली एक आवासीय संपत्ति भी अटैच की गई है। यह संपत्ति भारत से बाहर रखी गई अपराध की आय का प्रतिनिधित्व करती है।
कई संपत्तियों को पहले बेचा जा चुका था और उससे मिले पैसे परिवार के व्यक्तिगत उपयोग में लाए गए। इनमें भरतराज की मां रेणू पुंज भी शामिल हैं।
FAQ
- LEEL इलेक्ट्रिकल्स क्या है और इसे पहले किस नाम से जाना जाता था?
LEEL इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को पहले Lloyd Electric एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। यह एक कंपनी है जो एयर कंडीशनिंग और इंजीनियरिंग उत्पाद बनाती है। - PMLA के तहत संपत्ति अटैच होने का क्या मतलब है?
PMLA यानी धनशोधन निवारण कानून के तहत ED संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर सकती है। अटैचमेंट का मतलब है कि संपत्ति बेची या ट्रांसफर नहीं की जा सकती। कोर्ट की अनुमति के बिना उसका इस्तेमाल भी नहीं होता।
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