309 निकायों में अगले महीने चुनाव, 13 अगस्त से शुरू होगी आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया

Jageshwar prasad | Aug 10, 2026, 19:45 IST
निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को, सभी पार्टियों को भेजा गया पत्र
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों के लिए निकाय प्रमुखों (मेयर, सभापति, चेयरमैन) की आरक्षण लॉटरी 13 अगस्त को स्वायत्त शासन निदेशालय, जयपुर में होगी। इसके लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को।
  • सुबह 10:30 बजे निकलेगी निकाय प्रमुखों की आरक्षण लॉटरी।
  • स्वायत्त शासन विभाग ने सभी पार्टियों को भेजा पत्र।
  • वार्ड आरक्षण की लॉटरी 14-16 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर।

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है। निकाय प्रमुखों (मेयर, सभापति, चेयरमैन) के लिए आरक्षण लॉटरी 13 अगस्त को निकाली जाएगी। यह लॉटरी स्वायत्त शासन निदेशालय, जयपुर में सुबह 10:30 बजे होगी।



इसके लिए राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया है। 309 नगरीय निकायों में अगले माह चुनाव करवाए जाने हैं।



प्रमुखों की लॉटरी कब और कहां?

स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक ने आदेश जारी किए हैं। 13 अगस्त को स्वायत्त शासन निदेशालय, जयपुर में सुबह 10.30 बजे लॉटरी निकाली जाएगी।



इस लॉटरी में नगर निगम (मेयर), नगर परिषद (सभापति) और नगर पालिका (चेयरमैन) पदों के लिए आरक्षण तय होगा। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया है।



वार्डों की लॉटरी कब होगी?

निकायों में वार्डों के आरक्षण की लॉटरी 14 से 16 अगस्त के बीच हो सकती है। यह लॉटरी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।



इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।



चुनाव में क्या होगा?

प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में अगले माह चुनाव होने हैं। लॉटरी के बाद सीटों के आरक्षण का अंतिम फॉर्मूला तय हो जाएगा। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। चुनाव दो चरणों में करवाए जाएंगे, हालांकि तारीखों का ऐलान बाकी है।



पार्टियों को क्यों बुलाया गया?

स्वायत्त शासन विभाग ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को लॉटरी में शामिल होने के लिए पत्र भेजा है। इसका मकसद लॉटरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सर्वसम्मति से संपन्न कराना है।



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