8वीं के छात्र ने बताया 49+2 = 60, जवाब सुन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पकड़ा माथा

Jageshwar prasad | Apr 23, 2026, 16:42 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने श्रीगंगानगर दौरे में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का गिरता स्तर देखकर हैरान रह गए। उन्होंने 8वीं कक्षा के एक छात्र से गणित का आसान सवाल पूछा तो उसका गलत जवाब सुनकर माथा पकड़ लिया।

News In Short

  • शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने श्रीगंगानगर स्कूलों का दौरा किया, शिक्षा स्तर देखकर चौंके।
  • 8वीं कक्षा के छात्र ने 49+2 का सही जवाब न देकर शिक्षा व्यवस्था की पोल खोली।
  • गांव की आबादी 700 और स्कूल में मात्र 32 छात्र, अध्यापन के लिए 6 शिक्षक।
  • प्रिंसिपल भी पिछले 9 साल से एक ही स्कूल में, सीडीईओ को तुरंत कार्रवाई के निर्देश।
  • शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त निर्देश दिए।

News In Detail

Sri Gangnagar: राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर 2 दिन के श्रीगंगानगर दौरे पर हैं। जब वे श्रीगंगानगर के सरकारी स्कूलों का दौरा करने निकले तो शिक्षा व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसे देखकर खुद मंत्री भी चकरा गए। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (3 एचएच) में जब मंत्री ने क्लास रूम की क्लास लेनी शुरू की, लेकिन बच्चे उनके आसान सवालों का जवाब भी नहीं दे पाए।



गणित का नया चमत्कार: 49+2 = 60!

मंत्री दिलावर ने जब 8वीं कक्षा के एक छात्र को पास बुलाकर पूछा- बेटा, 49 में 2 जोड़ें तो कितने होंगे? छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ 60 जवाब दिया। यह सुनते ही मंत्री जी ने अपना माथा पकड़ लिया। पीछे खड़े स्टाफ ने जब दबी जुबान में इशारा किया, तब जाकर बच्चे ने 51 कहा।



हैरानी की बात यह है कि इसी छात्र ने 29 में से 6 घटाने का सही जवाब (23) भी दिया था, लेकिन मामूली जोड़ ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी। मंत्री ने शिक्षकों को फटकारते हुए कहा - अगर 8वीं का बच्चा जोड़ नहीं पा रहा तो बाकी पढ़ाई का स्तर भगवान भरोसे ही है।



700 की आबादी, कक्षा 7 में सिर्फ तीन छात्र

आंकड़ों का खेल भी बड़ा अजीब निकला। जिस गांव की आबादी 700 है, वहां के स्कूल में कुल 32 बच्चे नामांकित हैं। मंत्री जी जब कक्षा 7 का हाल जानने पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा था और पूरी क्लास में सिर्फ 3 छात्र उपस्थित मिले। 32 बच्चों को पढ़ाने के लिए 6 शिक्षकों की फौज तैनात है, फिर भी नतीजों का यह हाल देखकर मंत्री ने अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया।





शौचालय के बोर्ड भी भ्रमित

लापरवाही सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं थी। एक दूसरे स्कूल (1 डीबीएनडी) में तो गजब ही नजारा था, छात्र शौचालय के बाहर 'छात्रा' और छात्रा शौचालय के बाहर 'छात्र' लिखा हुआ था। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल गिरजा शंकर बिना बताए नदारद मिले। प्रिंसिपल पिछले 9 साल से एक ही स्कूल में हैं, जिस पर मंत्री ने सख्त नाराजगी जताते हुए सीडीईओ को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।



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