मार्बल खदान से 72 घंटे बाद निकला शव, परिजनों का आरोप-नहीं बचा पाया प्रशासन
News In Short
- मकराना की मार्बल खदान से 72 घंटे बाद निकला रामनिवास जाट का शव।
- SDRF/NDRF के ऑपरेशन के बाद रविवार दोपहर शव को बाहर निकाला गया।
- मौके पर ही डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया और शव परिजनों को सौंपा।
- हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया।
News In Detail
राजस्थान में मकराना के माताभर की एक मार्बल खान में 72 घंटे पहले गिरे रामनिवास जाट का शव रविवार दोपहर को निकाल लिया गया। गुरुवार रात काम के दौरान उनका पैर फिसल गया और खदान में गिर गया। हादसे के बाद तत्काल बचाव कार्य नहीं चल सका, क्योंकि खदान में पानी की मात्रा अधिक थी और अंधेरा था।
SDRF/NDRF ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्रवाई
शुक्रवार से प्रशासन की निगरानी में एसडीआरएफ ने रामनिवास को निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया। खदान मालिक द्वारा मोटरों की मदद से लगातार पानी निकालने का प्रयास किया गया। तीन दिन के बाद रविवार दोपहर लगभग 12 बजे पानी का स्तर कम होने पर शव दिखाई दिया। क्रेन की सहायता से शव को बाहर निकाला गया। मोके पर पोस्टमार्टम डॉ. रामनिवास आंवला और मेडिकल टीम ने किया और शव परिजनों को सौंपा गया।
बेनीवाल ने लगाए आरोप
RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने इस मामले में प्रशासन पर सुस्त बचाव अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर ट्वीट करके बचाव अभियान में अधिकारियों की अनुपस्थिति और SDRF के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने की आलोचना की।
बेनीवाल ने कहा कि खदान में जाखली निवासी रामनिवास गोदारा का शव 72 घंटे से फंसा हुआ है, मगर दुर्भाग्य से कोई भी उच्च अधिकारी मौके पर नही गया। SDRF की टीम के पास कोई उच्च क्षमता की मोटर खदान में से पानी निकालने के लिए उपलब्ध नहीं है।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि यदि सरकार को आरएलपी कार्यकर्ताओं की द्वेषतापूर्ण गिरफ्तारियां करने से फुर्सत मिल गई है तो थोड़ा मकराना की खदान में 72 घंटे से फंसे शव और दिवंगत के परिजनों की हालात पर भी ध्यान दीजिए। साथ ही मौके पर NDRF टीम को भेजिए।
FAQ
- मकराना खदान हादसे में शव कब और कैसे फंसा था?
रामनिवास जाट का शव गुरुवार रात खदान में गिरने के बाद 72 घंटे तक पानी में फंसा रहा। - रामनिवास जाट को बचाने के लिए SDRF/NDRF टीम ने क्या कार्रवाई की?
दोनों टीमें खदान में पानी निकालने और शव को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन चला रही थीं। रविवार दोपहर शव को क्रेन की मदद से निकाला गया। - रामनिवास जाट मौत पर स्थानीय लोगों और नेताओं की प्रतिक्रिया क्या रही?
स्थानीय लोग और मृतक के परिवार प्रशासन की लापरवाही पर नाराज हैं। Hनुमान बेनीवाल ने सरकार को आड़े हाथ लिया और उचित कार्रवाई की मांग की।
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