मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से इनकार, आदिवासी बेल्ट में भाजपा से सियासी टकराहट बढ़ी

Ashish Bhardwaj | Mar 29, 2026, 19:58 IST
Photograph: (the sootr)
केंद्र सरकार ने राजस्थान के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से इनकार किया, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़ गया। बाप सांसद राजकुमार रोत ने भाजपा पर हमले किए

News In Short

  • मानगढ़ धाम पर सियासी रार, बाप ने भाजपा पर किए हमले।
  • मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से केंद्र ने किया इनकार।
  • सांसद मुन्नालाल रावत ने मानगढ़ पर संसद में पूछा था सवाल।
  • अब केंद्रीय जनजाति मंत्री ने कहा, हम फिर से प्रयास करेंगे।
  • बाप सांसद राजकुमार रोत ने भाजपा पर साधा निशाना।

News In Detail

मृदुल पुरोहित@बांसवाड़ा



राजस्थान में आदिवासियों की शहादत स्थली मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया है। इसके बाद भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के सांसद राजकुमार रोत ने भाजपा पर राजनीतिक हमले शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर, केंद्रीय जनजाति राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने इसके लिए प्रयास करने का बयान दिया है। ऐसे में अब मानगढ़ पर राजनीतिक रार बढ गई है।



संसद में सरकार ने किया मना

उदयपुर से भाजपा सांसद मन्नालाल रावत ने 23 मार्च को लोकसभा में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने को लेकर संसद में सवाल उठाया था। इस पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके बाद राजस्थान की आदिवासी बेल्ट बांसवाड़ा और डूंगरपुर में सियासी टकराहट बढ़ गया है।



आदिवासी वीरों के सम्मान के खिलाफ

बांसवाड़ा सेBAP सांसद राजकुमार रोतने कहा कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं देना 1500 से अधिक शहीद आदिवासी वीरों के सम्मान के खिलाफ है। मानगढ़ धाम का इतिहास राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। इसके बावजूद इस स्थान को देष के मानचित्र में वह सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाकर सैकड़ों आदिवासियों की शहादत को सम्मान दिया जाए। एनसीईआरटी की पुस्तकों के पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित किया जाए।



2022 में हुई थी सिफारिश

राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने वर्ष 2022 में मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की सिफारिश की थी। इसे लेकर एक रिपोर्ट भी केंद्र सरकार को पेश की थी। वहीं 1 नवंबर 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी और तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मानगढ़ धाम पर एक कार्यक्रम में शामिल होकर आदिवासियों की शहादत को सम्मान देने पर जोर दिया था। चार साल बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई।



केंद्रीय मंत्री का विरोधाभासी जवाब

संसद में केंद्रीय मंत्री शेखावत के उत्तर के ठीक उलट शनिवार को बांसवाड़ा की यात्रा पर आए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि मानगढ़ धाम हमारे अमर शहीदों की शहादत का प्रतीक है। सरकार इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सके।



राजस्थान का जलियांवाला बाग

मानगढ़ धाम पर 17 नवंबर 1913 को गोविंद गुरु के नेतृत्व में आयोजित सभा में सम्मिलित भक्तों पर अंग्रेजों ने गोलीबारी की थी। जिसमें 1500 से अधिक आदिवासी शहीद हुए थे। इसे राजस्थान का जलियांवाला बाग भी कहा जाता है।


मानगढ़ धाम पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित राजस्थान, मध्यप्रदेष और गुजरात के मुख्यमंत्री आ चुके हैं। इसके उपरांत भी मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिला है। मानगढ़ धाम राजनीतिक दलों के लिए वोटबैंक सा बन गया है।



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