मथानिया अध्यक्ष चुनाव: दिव्या को रोका, जूली बोले- जनता की अदालत में CM की भी होगी पेशी

Saurabh Mishra | Sept 21, 2026, 14:43 IST
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मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में दिव्या मदेरणा को मतदान स्थल पर रोका गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर पार्षदों को दबाव में लेने का आरोप लगाया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर विवाद।
  • मथानिया में हंगामा, RO की भूमिका पर सवाल
  • टीकाराम जूली का आरोप- सरकार बना रही पार्षदों पर दबाव।
  • मथानिया में पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा भी सड़क पर बैठीं।

जोधपुर। मथानिया नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के बीच सोमवार को सियासी माहौल गरमा गया। कांग्रेस 25 में से अपने 16 पार्षद होने का दावा करते हुए वोटिंग के लिए पहुंचीं थी। पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा भी कांग्रेस पार्षदों के साथ नगर पालिका परिसर पहुंचीं। हालांकि, उन्हें मतदान स्थल तक जाने की मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद मदेरणा ने भाजपा विधायक भैराराम सियोल, रिटर्निंग ऑफिसर और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।



इधर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी राजस्थान में चल रहे निकाय अध्यक्ष चुनावों में हो रहे विवाद को लेकर राजस्थान सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने तिजारा, मालाखेड़ा, थानागाजी और बड़ौद समेत अलग-अलग जगहों का जिक्र किया। जूली का आरोप है कि कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और सरकारी विभागों का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा।



पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा को मतदान स्थल पर रोका

मथानिया में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान हुआ। कांग्रेस के पार्षद वोट डालने के लिए नगर पालिका परिसर पहुंचे। उनके साथ पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा भी थीं। मदेरणा को मतदान स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद मौके पर सियासी माहौल गरमा गया। मदेरणा ने भाजपा विधायक भैराराम सियोल पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।



रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल

दिव्या मदेरणा ने पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर सवाल उठाए। मदेरणा ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान RO सत्ता पक्ष के विधायक के बुलाने पर उनसे मिलने चुनाव परिसर से बाहर आए।



उन्होंने दावा किया कि मथानिया की जनता ने भाजपा को बहुमत नहीं दिया। इसके बावजूद सरकारी तंत्र पर दबाव डालकर जनादेश के उलट बोर्ड बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनादेश का अपमान बताया।



मथानिका नगर पालिका में कांग्रेस के पास 16 पार्षद

मथानिया नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। इनमें कांग्रेस के 16 पार्षद चुने गए हैं। भाजपा के 7 और 2 निर्दलीय पार्षद हैं। अध्यक्ष चुनने के लिए 13 वोट की जरूरत है। कांग्रेस अपने 16 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रही है। इसी संख्या को लेकर अध्यक्ष चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सियासी खींचतान तेज हो गई।



नेता प्रतिपक्ष जूली ने सरकार पर लगाए आरोप

इस बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नगर निकाय अध्यक्ष चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्षदों को पुलिस और प्रशासन के जरिए दबाव में लिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।



जूली ने दावा किया कि तिजारा के 18 पार्षदों को हरियाणा बॉर्डर पर रोका गया। ये पार्षद शिमला से वापस आ रहे थे। उनका आरोप है कि राजस्थान और हरियाणा की पुलिस के जरिए उन्हें मतदान तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई।



उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्थान चुनाव आयोग से बात की गई है और लिखित शिकायत भी दी गई है। जूली के मुताबिक केंद्रीय चुनाव आयोग को भी शिकायत भेजी गई है।



जूली ने सरकारी विभागों के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया

जूली ने मालाखेड़ा का उदाहरण देते हुए सरकारी विभागों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 5 से चुने गए एक एससी पार्षद के घर पटवारी नाप-जोख के लिए पहुंच गया।



उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 13 के कांग्रेस पार्षद के यहां GST की टीम भेजी गई। जूली ने थानागाजी में केमिस्ट की दुकानों पर कार्रवाई और बड़ौद में कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी की जमीन पर पटवारी पहुंचने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि कहीं दुकानों को सील किया जा रहा है तो कहीं जमीन और कारोबार से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है।



पुलिस पर भी साधा निशाना

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जूली ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद चाहे किसी दूसरे राज्य, होटल या घर में हों, पुलिस उन्हें ढूंढ लेती है, लेकिन अपराध के दूसरे मामलों में ऐसी तेजी दिखाई नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों से पुलिस और प्रशासन की छवि पर भी असर पड़ रहा है।



जूली ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता हमेशा किसी एक के पास नहीं रहती और सरकार को अपने फैसलों का जवाब जनता के सामने देना होगा। इससे पहले भी जूली ने आरोप लगाया था कि निकाय चुनावों में कांग्रेस का मुकाबला भाजपा से ज्यादा पुलिस और प्रशासन से हो रहा है। उन्होंने भाजपा को इस मुकाबले में 'तीसरा मोर्चा' बताया था।



फिलहाल मथानिया के घटनाक्रम को लेकर भाजपा या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर सामने आए किसी जवाब को इस खबर में शामिल नहीं किया गया है।



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